Sunday, September 6, 2026
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ठंड के मौसम में बढ़ सकती है माइग्रेन की समस्या, जानिए बचने के उपाय

अक्टूबर आने के साथ ही मौसम में बदलाव होने लगा है। सुबह-शाम तापमान में गिरावट की वजह से ठंड पडऩे लगी है। मौसम में यह बदलाव सेहत के लिए कई तरह से परेशानी वाला हो सकता है। इस मौसम में इंफ्लूएंजा जैसे वायरस के बढऩे के साथ ही माइग्रेन भी ट्रिगर कर सकता है। सर्दियां बढऩे के साथ माइग्रेन खतरनाक हो सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सर्दी के मौसम में सिरदर्द की समस्या आम हो जाती है। इस दौरान माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है. आइए जानते हैं इसका कारण और इससे बचने के उपाय।

ठंड बढऩे पर क्यों बढ़ जाता है माइग्रेन
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसे लोग जिन्हें माइग्रेन की समस्या है, उन्हें सर्दियों में काफी परेशानी हो सकती है। इस मौसम की कई कंडीशन ऐसी होती हैं, जो माइग्रेन के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। मेयो क्लिनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम में बदलाव करने से माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है. इसके अलावा हवा में रूखापन, ज्यादा ठंड की वजह से भी माइग्रेन परेशान कर सकता है।

धूप की कमी से माइग्रेन की समस्या
ठंड के मौसम में धूप कम मिल पाता है, इसकी वजह से भी माइग्रेन परेशान बढ़ सकता है. धूप की कमी की वजह से मस्तिष्क में सेरोटोनिन जैसे रसायन असंतुलित हो सकता है। ब्रेन केमिकल्स के असंतुलन की वजह से सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है. इसके अलावा धूप की कमी शरीर के सर्कैडियन रिदम को बाधित कर देती है, जिसकी वजह से नींद के पैटर्न में असंतुलन या नींद में कमी हो सकती है। नींद में खलल की वजह से माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है।

माइग्रेन से बचने के उपाय
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लाइफस्टाइल में कई बदलाव की वजह से सिरदर्द की समस्या ज्यादा हो सकती है। शराब-काफी का ज्यादा सेवन, तेज या चमकती रोशनी, तेज गंध और कुछ फूड्स माइग्रेन को बढ़ा सकते हैं। इससे बचने के लिए सर्दियों में सिरदर्द, खासतौर पर माइग्रेन से बचाव के लिए कोशिश करते रहना चाहिए. इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि ठंड से बचकर रहें। नियमित तौर पर एक्सरसाइज करने का भी फायदा मिल सकता है. इससे सेरोटोनिन का लेवल बढ़ता है, जो माइग्रेन के खतरे को कम कर सकता है. ठंड के मौसम में सिर अच्छे से कवर करें। इससे माइग्रेन से बचाव हो सकता है।

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