देहरादून। उत्तराखंड में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अब बड़े होटल प्रतिष्ठान भी खाद्य सुरक्षा विभाग के रडार पर हैं। मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विभाग की टीमों ने देहरादून-मसूरी रोड स्थित कई नामी फाइव स्टार होटलों में पहुंचकर किचन से लेकर स्टोर तक की जांच की। Taj Hotel, Fairfield, JW Marriott, Hyatt Centric और Hyatt Regency समेत कई होटल इस अभियान के दायरे में रहे।
जांच के दौरान Hyatt Regency से मसालों और JW Marriott से तैयार दाल के नमूने लिए गए हैं। दोनों नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है। अब इनकी रिपोर्ट तय करेगी कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किचन में सफाई से लेकर स्टोर में रखे सामान तक जांच
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने होटल परिसरों में सिर्फ तैयार भोजन की गुणवत्ता ही नहीं देखी, बल्कि खाद्य सामग्री की पूरी सप्लाई और स्टोरेज व्यवस्था को जांचा। किचन, स्टोर, खाद्य पदार्थों के भंडारण, कच्चे माल, पैकेज्ड फूड, लेबलिंग, रखरखाव और स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने होटल प्रबंधन को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के सभी निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। विभाग की खास निगाह एनालॉग पनीर और दूसरे गैर-दुग्ध उत्पादों पर भी रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, लेबलिंग, स्रोत या निर्धारित मानकों में किसी तरह की अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
Hyatt Regency के स्टोर में तीन पैक्ड उत्पाद जांच के घेरे में
अभियान के दौरान Hyatt Regency के स्टोर में रखे तीन पैक्ड उत्पादों को लेकर भी विभाग ने जानकारी मांगी है। अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के मुताबिक स्टोर में उपलब्ध गुलकंद, इंपोर्टेड ऑर्गेनो और सौंफ के संबंध में संबंधित निर्माताओं से आवश्यक दस्तावेज और गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी तलब की गई है।
इन उत्पादों को लेकर विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। होटल प्रबंधन को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि खाद्य सामग्री की खरीद के समय उसके स्रोत और गुणवत्ता की पुष्टि करने के साथ ही भंडारण और इस्तेमाल तक सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाए।
फाइव स्टार होटल हो या छोटी दुकान, खाद्य सुरक्षा के नियम एक
सचिव स्वास्थ्य एवं आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेश के लोगों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने साफ किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विनय शंकर पांडेय ने कहा कि फाइव स्टार होटल हो या सामान्य खाद्य दुकान, खाद्य सुरक्षा के नियम सभी के लिए समान हैं। एनालॉग पनीर, गैर-दुग्ध उत्पादों या किसी भी तरह की मिलावटी अथवा गैर-मानक खाद्य सामग्री के इस्तेमाल और बिक्री की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
पर्यटन प्रदेश होने के कारण बढ़ी गुणवत्ता व स्वच्छता की जिम्मेदारी
उत्तराखंड देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में शामिल है और बड़ी संख्या में पर्यटक यहां होटल और रेस्टोरेंट में भोजन करते हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर विभाग ने निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है।
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उनमें गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित खाद्य प्रबंधन की जिम्मेदारी विकसित करना भी है। स्थानीय नागरिकों के साथ ही उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।
देहरादून के बाद पूरे प्रदेश में बढ़ाई जाएगी निगरानी व छापेमारी
खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक फाइव स्टार होटलों में चलाया गया यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। देहरादून जिले में होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित एवं औचक जांच की जाएगी। जरूरत के अनुसार खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए जाएंगे।
प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी नमूने में निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को चेताया है कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा में लापरवाही अब भारी पड़ सकती है।
जांच अभियान में ये अधिकारी रहे शामिल
अभियान में उपायुक्त गढ़वाल मंडल राजेंद्र रावत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा देहरादून मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र रमेश सिंह, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश संतोष कुमार सिंह समेत खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।






