थराली (चमोली)। चमोली जनपद के थराली ब्लॉक में ग्रामीण जीवनशैली को स्वस्थ और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक अहम पहल शुरू हुई है। ‘स्वच्छ गांव-स्वस्थ ग्रामीण’ अभियान के तहत वरदान संस्था ने सिमलसैण गांव से स्वास्थ्य चौपालों की श्रृंखला का आगाज किया, जहां ग्रामीणों को स्वच्छता, पोषण, स्वास्थ्य और कूड़ा प्रबंधन जैसे अहम विषयों पर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए संस्था के अध्यक्ष विनोद रावत ने कहा कि स्वस्थ समाज की नींव स्वच्छता से ही रखी जाती है। उन्होंने बताया कि यह तीन माह का पायलट प्रोजेक्ट है, जिसके तहत थराली ब्लॉक के प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य चौपाल आयोजित कर लोगों को व्यवहारिक बदलाव के लिए प्रेरित किया जाएगा। उनका कहना था कि जब तक स्वच्छता को हम अपनी दिनचर्या का हिस्सा नहीं बनाएंगे, तब तक स्थायी स्वास्थ्य लाभ संभव नहीं है।
इस दौरान ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नवीन चन्दोला ने ग्रामीणों को व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने हाथ धोने की सही विधि का प्रदर्शन करते हुए बताया कि कई बीमारियां सिर्फ साफ-सफाई की कमी से फैलती हैं, जिन्हें छोटी-छोटी आदतों से रोका जा सकता है। उन्होंने दांतों, कपड़ों, नाखूनों की नियमित सफाई, स्वच्छ पेयजल के उपयोग और घर के आसपास कूड़ा न फैलाने की अपील की।
स्वास्थ्य चौपाल में पोषण पर भी विशेष चर्चा की गई। ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के सेवन के लिए प्रेरित किया गया, ताकि कुपोषण जैसी समस्याओं से बचा जा सके। साथ ही महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
कार्यक्रम में महिला मंगल दल की अध्यक्ष बीना देवी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम गांवों के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ेगी तो पूरे गांव का वातावरण सकारात्मक रूप से बदलेगा।
अभियान के तहत केवल जागरूकता ही नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन पर भी जोर दिया जा रहा है। संस्था की योजना है कि हर गांव में स्वच्छता समितियां बनाकर स्थानीय लोगों को ही इस अभियान से जोड़ा जाए, ताकि यह पहल लंबे समय तक प्रभावी बनी रहे।
इस मौके पर मुन्नी देवी, हरमा देवी, प्रभा देवी, महेशी देवी, गोविंद देवी, कलावती देवी, पुष्पा देवी, अनीता देवी, माहेश्वरी देवी, आशा देवी, रोशनी देवी और तुलसी देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे साफ है कि गांवों में इस तरह के प्रयासों को लेकर उत्साह बढ़ रहा है।






