देहरादून/पौड़ी। गढ़वाल मंडल मुख्यालय पौड़ी में सीडीओ और डीडीओ के एकाएक हुए तबादले के बाद लोगों में खासी नाराजगी देखी जा रही है। कहा जा रहा है कि दोनों अधिकारियों को उनकी ईमानदारी की सजा दी गई है। विशेषकर सीडीओ गिरीश गुणवंत के तबादले की बात लोगों के गले नहीं उतर रही है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर लोग खुलकर अपना गुस्सा दिखा रहे हैं।
उत्तराखंड शासन द्वारा पौड़ी के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गिरीश गुणवंत और जिला विकास अधिकारी (DDO) मनविंदर कौर के तबादले के बाद प्रशासनिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। सरकार इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बता रही है, लेकिन जिले में चल रही चर्चाओं ने इस तबादले को अचानक सुर्खियों में ला दिया है।
दरअसल, पिछले कुछ समय से पौड़ी में विकास कार्यों, भुगतान प्रक्रियाओं और कुछ योजनाओं की स्वीकृतियों को लेकर अंदरखाने खींचतान की चर्चाएं चल रही थीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्टों और स्थानीय चर्चाओं में दावा किया जा रहा है कि विधायक निधि से जुड़ी पानी की टंकियों के भुगतान को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सख्ती दिखाई गई थी। कहा जा रहा है कि बिना पूरी औपचारिकता और दस्तावेजों के भुगतान को लेकर दोनों अधिकारियों ने आपत्ति जताई थी। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में अब सबसे बड़ा सवाल यही पूछा जा रहा है कि क्या यह सिर्फ रूटीन ट्रांसफर है या फिर इसके पीछे विकास कार्यों और भुगतान प्रक्रियाओं से जुड़ा कोई बड़ा दबाव काम कर रहा था। आधिकारिक तौर पर भले ही कुछ न कहा जा रहा हो, लेकिन पौड़ी की राजनीति और सोशल मीडिया में यह मामला फिलहाल चर्चा के केंद्र में बना हुआ है। इसका कारण यह भी है कि आमतौर पर सिर्फ एक ही सीडीओ या डीडीओ का तबादला कम ही होता है। सामान्यतः एक साथ कई-कई अधिकारियों के तबादले होते रहे हैं। यही कारण है कि इन तबादलों को लेकर नाराजगी ज्यादा है।
गिरीश गुणवंत की छवि एक सख्त और फील्ड में सक्रिय अधिकारी की रही है। पौड़ी में उन्होंने कई बैठकों में अधिकारियों को खुलकर फटकार लगाई थी और विकास योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी भी जताई थी। मनरेगा, अमृत सरोवर, स्वच्छता और ग्रामीण विकास योजनाओं को लेकर उनकी कार्यशैली काफी सख्त मानी जाती थी।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस तबादले को “ईमानदार अधिकारियों पर कार्रवाई” बताकर सवाल उठाए हैं। फेसबुक पोस्टों और स्थानीय पेजों पर लगातार यह चर्चा चल रही है कि क्या सख्त प्रशासनिक रवैया कुछ लोगों को भारी पड़ गया। कुछ पोस्टों में तो सीधे तौर पर यह तक लिखा गया कि “जो अधिकारी नियमों से काम कर रहे थे, उन्हें ही हटा दिया गया।”
हालांकि शासन स्तर पर किसी विवाद या दबाव की बात से इनकार किया जा रहा है। सरकारी आदेश में इसे सामान्य प्रशासनिक फेरबदल बताया गया है। शासन ने अशोक जोशी को नया CDO पौड़ी नियुक्त किया है, जबकि गिरीश गुणवंत को संभागीय खाद्य आयुक्त (RFC) गढ़वाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।





