देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में शासन और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी मुहर लगा दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 15 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। इन फैसलों का सीधा संबंध श्रमिक कल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खेल, न्यायिक ढांचे, पेयजल व्यवस्था, सहकारिता और वन प्रबंधन जैसे अहम क्षेत्रों से है। सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और विभिन्न वर्गों को सीधे लाभ मिलेगा।
बैठक में श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करने से लेकर पशुपालकों को राहत देने, खेल विश्वविद्यालय के विस्तार, हाईकोर्ट के नए परिसर और राज्य की कई योजनाओं में बदलाव जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से श्रमिकों के अधिकार मजबूत होंगे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी, खेल और न्यायिक ढांचे को मजबूती मिलेगी तथा विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी। संबंधित विभाग अब इन निर्णयों को लागू करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करेंगे।
▣ मजदूरी संहिता को मंजूरी
नई नियमावली लागू होने के बाद कर्मचारियों को हर महीने तय समय के भीतर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। समान कार्य करने वाले महिला और पुरुष कर्मचारियों को समान वेतन देने के प्रावधान को भी प्रभावी बनाया जाएगा।
▣ औद्योगिक संबंधों के नए नियम
श्रमिक और उद्योग प्रबंधन के बीच विवादों के समाधान की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा। शिकायत निवारण व्यवस्था मजबूत होगी और छंटनी के बाद पुनर्नियोजन से जुड़े प्रावधान भी लागू किए जाएंगे।
▣ गौपालन योजना का विस्तार
अब गौपालन योजना का लाभ केवल आरक्षित वर्ग तक सीमित नहीं रहेगा। पात्र सामान्य वर्ग के लोगों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। वहीं, प्रति पशु की दर को 40 से बढ़ाकर 60 हजार करने का निर्णय भी लिया गया है।
▣ हाईकोर्ट के नए परिसर के लिए भूमि
हल्द्वानी क्षेत्र में प्रस्तावित नए हाईकोर्ट परिसर के लिए भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दे दी। लामाचौड़ क्षेत्र में 73 हेक्टेयर वन भूमि से से 45 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
▣ खेल विश्वविद्यालय में 122 नए पद
उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन को मजबूत करने के लिए 122 नए पद सृजित किए जाएंगे, जिससे शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों को गति मिलेगी। इसमें आउटसोर्स की व्यवस्था भी की जाएगी।
▣ समाज कल्याण छात्रावासों की नई व्यवस्था
समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों के संचालन के लिए नई नियमावली लागू करने का फैसला लिया गया है, जिससे व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
▣ जल जीवन मिशन के प्रावधानों में बदलाव
केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के अनुरूप जल जीवन मिशन की योजनाओं के संचालन और हस्तांतरण संबंधी नियमों को मंजूरी दी गई।
▣ सहकारी समितियों के नियमों में संशोधन
सदस्यता से जुड़े पुराने प्रावधानों में संशोधन कर सहकारी समितियों की व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाने का निर्णय लिया गया।
▣ जीएसटी संशोधन अध्यादेश को हरी झंडी
राज्य के जीएसटी कानून में आवश्यक संशोधन अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के समान व्यवस्थाओं को बनाए रखना है।
▣ गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को गति
मेरठ से हरिद्वार तक प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को मंजूरी दी गई। दोनों राज्य इस पर एमओयू करेंगे। इससे धार्मिक पर्यटन, उद्योग, यातायात समेत कई अन्य सेक्टर में लाभ मिलेगा।
▣ वन विकास निगम सेवा नियमावली में संशोधन
वन विकास निगम के कुछ पदों पर भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करते हुए चयन प्रणाली को नया स्वरूप दिया गया है। इसे ज्यादा बेहतर, पारदर्शी और मानकों के अनुसार बनाने का प्रयास किया गया है।
▣ ईको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
वन क्षेत्रों में ईको-टूरिज्म और वन आधारित गतिविधियों के विकास के लिए उच्चस्तरीय समिति से जुड़े प्रावधानों में संशोधन को स्वीकृति दी गई।






