देहरादून। देहरादून में विकसित हृदय जांच तकनीक को अब बड़े निवेशकों का साथ मिला है। पोर्टेबल ईसीजी प्लेटफॉर्म ‘स्पंदन’ बनाने वाली मेडटेक कंपनी सनफॉक्स टेक्नोलॉजीज़ ने सीरीज़ ए फंडिंग में 70 लाख अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं। कंपनी के अनुसार, यह राशि लगभग 67 करोड़ रुपये है। निवेश दौर की अगुआई आशीष कचोलिया, लशित सांघवी, अल्केमी कैपिटल और 3one4 कैपिटल ने की है।
सनफॉक्स इस पूंजी से भारत में अपनी पहुंच बढ़ाएगी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार की तैयारी मजबूत करेगी। अनुसंधान, नई तकनीक, टीम के विस्तार और जरूरी नियामकीय मंजूरियों पर भी निवेश किया जाएगा। कंपनी ने इसे अब तक का अपना सबसे बड़ा फंडिंग दौर बताया है।
छोटे स्वास्थ्य केंद्रों तक विशेषज्ञों की राय पहुंचाने पर जोर
स्पंदन स्मार्टफोन की मदद से ईसीजी रिकॉर्ड करने वाला पोर्टेबल प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य हृदय संबंधी गंभीर संकेतों और संदिग्ध हार्ट अटैक के आकलन में डॉक्टरों की सहायता करना है। इसके जरिये घर, क्लीनिक या छोटे स्वास्थ्य केंद्र में दर्ज ईसीजी को दूर बैठे चिकित्सक के पास समीक्षा के लिए भेजा जा सकता है।
कंपनी के मुताबिक, इस व्यवस्था से ऐसे मरीजों की पहचान और रेफरल में मदद मिलती है, जिन्हें तत्काल या उन्नत चिकित्सा देखभाल की जरूरत है। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मौजूद स्वास्थ्यकर्मी भी ईसीजी रिकॉर्ड कर विशेषज्ञ की राय ले सकते हैं।
20 हजार से अधिक गांवों तक पहुंच का दावा
सनफॉक्स के अनुसार, भारत में करीब 60 हजार स्पंदन उपकरण इस्तेमाल में लाए जा चुके हैं और इसकी पहुंच 20 हजार से अधिक गांवों तक है। कंपनी का दावा है कि स्पंदन वन प्लेटफॉर्म के जरिये सालाना लगभग 50 लाख मरीजों की स्क्रीनिंग की गई है।
स्पंदन वन दूरस्थ ईसीजी समीक्षा, मरीजों के मामलों में समन्वय और टेली-ईसीजी नेटवर्क के संचालन में सहायता करता है। कंपनी के उत्पाद अस्पतालों, निजी क्लीनिकों, सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों और घर पर निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
दोस्त को खोने के बाद शुरू हुई तकनीक की तलाश
सनफॉक्स की शुरुआत 2016 में उत्तराखंड में अनुसंधान एवं विकास की पहल के रूप में हुई थी। कंपनी के मुताबिक, कॉलेज के दौरान एक मित्र को खोने के अनुभव ने संस्थापकों को समय पर हृदय जांच उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया।
रजत जैन, अर्पित जैन, सबित रावत, नितिन चंदोला और सौरभ बडोला की यह पहल आगे चलकर सनफॉक्स और स्पंदन प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हुई। शार्क टैंक इंडिया के पहले सीजन में सभी पांच शार्क्स से निवेश मिलने के बाद कंपनी को व्यापक पहचान मिली।
अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका पर नजर
कंपनी का कहना है कि उसे भारत, घाना, केन्या, तंजानिया और दक्षिण अफ्रीका में नियामकीय मंजूरियां मिली हैं। अमेरिका और यूरोपीय संघ में मंजूरियां हासिल करने की प्रक्रिया जारी है। नई पूंजी से इन बाजारों में वितरण और कारोबार के लिए जरूरी व्यवस्था विकसित की जाएगी।
सनफॉक्स के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजत जैन ने कहा कि निवेश से देहरादून में विकसित तकनीक को बड़े स्तर पर पहुंचाने में मदद मिलेगी। कंपनी अनुसंधान एवं विकास के साथ भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर ध्यान देगी।
निवेशक आशीष कचोलिया ने जमीनी स्तर पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के कंपनी के प्रयासों को निवेश की प्रमुख वजह बताया। अल्केमी कैपिटल मैनेजमेंट के सह-संस्थापक लशित सांघवी ने सनफॉक्स की तकनीक में भारत से वैश्विक बाजारों तक विस्तार की संभावना जताई।









