रुद्रप्रयाग/देहरादून। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट आज प्रातः वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह लगभग 8 बजे शुभ मुहूर्त में जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, पूरा धाम “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा और इसके साथ ही वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो गया।
छह माह की शीतकालीन बंदी के बाद खुले कपाटों के दर्शन के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु धाम पहुंचे। पहले ही दिन भारी संख्या में भक्तों की मौजूदगी से पूरा केदारपुरी क्षेत्र आस्था और उत्साह से भर गया।
कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया। बाबा केदारनाथ के दरबार को करीब 51 क्विंटल फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर सुगंधित और दिव्य आभा से आलोकित नजर आया। इस दौरान शंखध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई।
इस पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी धाम में मौजूद रहे और उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली पूजा भी संपन्न कराई गई।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार कपाट खुलने से पहले बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दीस्थल से केदारनाथ धाम पहुंचती है। मंदिर खुलने पर सबसे पहले ‘भीष्म श्रृंगार’ हटाया जाता है, जो सर्दियों के दौरान शिवलिंग की सुरक्षा के लिए किया जाता है।
चारधाम यात्रा 2026 का क्रम पहले ही 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू हो चुका है, जबकि बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे।
सरकार और प्रशासन की ओर से इस बार यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पंजीकरण पहले ही हो चुके हैं और यात्रा मार्ग, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए चारधाम यात्रा को भारत की आस्था, एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर केदारनाथ दर्शन की अपनी पुरानी तस्वीरें साझा की। कुल मिलाकर, केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही हिमालय की गोद में स्थित यह पवित्र तीर्थ एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए खुल गया है और आगामी महीनों में लाखों भक्त बाबा केदार के दर्शन के लिए यहां पहुंचेंगे।






