Sunday, September 6, 2026
Home धर्म-संस्कृति हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारियों को मिली नई गति, गंगा तट पर...

हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारियों को मिली नई गति, गंगा तट पर संतों संग बैठकर मुख्यमंत्री ने तय की आस्था महापर्व की रूपरेखा

हरिद्वार। हरिद्वार के गंगा तट पर शुक्रवार को कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर इतिहास रचा गया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहली बार सभी 13 अखाड़ों के आचार्यों और संतों के साथ खुले आसमान के नीचे विशेष बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कुंभ स्नान के सभी प्रमुख पर्वों की तिथियों की घोषणा करते हुए कहा कि 2027 का कुंभ दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप में आयोजित होगा।

मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (6 फरवरी), वसंत पंचमी (11 फरवरी), माघ पूर्णिमा (20 फरवरी), महाशिवरात्रि—अमृत स्नान (6 मार्च), फाल्गुन अमावस्या—अमृत स्नान (8 मार्च), नव संवत्सर (7 अप्रैल), मेष संक्रांति—अमृत स्नान (14 अप्रैल), राम नवमी (15 अप्रैल) और चैत्र पूर्णिमा (20 अप्रैल) की तिथियाँ घोषित कीं।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ से जुड़े निर्णय संतों की परंपराओं, आवश्यकताओं और सुविधाओं को केंद्र में रखकर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि के अनुरूप उत्तराखंड को “विश्व की आध्यात्मिक राजधानी” बनाने के प्रयासों के तहत राज्य सरकार कुंभ 2027 को पूरे विश्व में यादगार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि 2021 का कुंभ कोविड प्रतिबंधों के कारण सीमित स्वरूप में हुआ था, लेकिन 2027 में श्रद्धालुओं की संख्या 2010 और 2021 के मुकाबले कई गुना अधिक रहने की संभावना है, इसलिए सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और घाटों की देखरेख के लिए विशेष टीमें भी तैनात की जाएँगी।

संतों ने मुख्यमंत्री द्वारा संस्कृति संरक्षण के लिए उठाए जा रहे कदमों की सराहना की और कुंभ के आयोजन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सभी अखाड़ों के आचार्यों के साथ गंगा तट पर भोजन भी किया।

बैठक में निरंजनी अखाड़ा से रविन्द्र पुरी, आनंद अखाड़ा से कौशल गिरी, महानिर्वाणी अखाड़ा से रविन्द्र पूरी, जूना भैरव अखाड़ा से हरिगिरी, पंचअग्नि अखाड़ा से साधनानन्द, आवाहन अखाड़ा से सत्यगिरि, अटल अखाड़ा से सत्यम गिरी, निर्वाणी अनी अखाड़ा से मुरली दास, दिगम्बर अनी अखाड़ा से वैष्णव दास, निर्मोही अनी अखाड़ा से राजेन्द्र दास, बड़ा उदासीन अखाड़ा से दुर्गादास, नया उदासीन अखाड़ा से भगतराम दास और निर्मल अखाड़ा से जसविंदर मौजूद रहे।

इसके अलावा राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, हरिद्वार महापौर किरन जैसल, रुड़की महापौर अनीता देवी अग्रवाल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष यतीश्वरानन्द, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, आईजी राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल और सीडीओ ललित नारायण मिश्रा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

देहरादून और हल्द्वानी में बिना मान्यता मदरसों पर शिकंजा, उत्तराखंड में अब तक 20 का संचालन बंद

देहरादून। उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित मदरसों की जांच के बाद प्रशासन की कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है। देहरादून में एक मदरसा...

डीएम हुए सख्तः देहरादून में नदियों में कूड़ा फेंकने वालों पर होगी FIR, अवैध डंपिंग साइटों पर भी कार्रवाई

देहरादून। नदियों और नदी किनारों पर कूड़ा डालने वालों के खिलाफ अब सीधे FIR दर्ज होगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शहरी निकायों को...

Dehradun Murder News: मजदूरी के बकाया पैसों पर विवाद, हेल्पर ने की 72 वर्षीय महिला की हत्या; 12 घंटे में गिरफ्तार

देहरादून। रायपुर थाना क्षेत्र में 72 वर्षीय रेखा बंसल की हत्या के मामले में पुलिस ने 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

सैलरी खत्म होने से पहले खत्म हो जाता है पैसा? अपनाइए सैलरी मैनेजमेंट का यह आसान मनी प्लानिंग फॉर्मूला,

देहरादून। अच्छी सैलरी होने के बावजूद यदि हर महीने हाथ तंग रहता है, तो समस्या कमाई की नहीं, पैसे की प्लानिंग की हो सकती...

देहरादून और हल्द्वानी में बिना मान्यता मदरसों पर शिकंजा, उत्तराखंड में अब तक 20 का संचालन बंद

देहरादून। उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित मदरसों की जांच के बाद प्रशासन की कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है। देहरादून में एक मदरसा...

डीएम हुए सख्तः देहरादून में नदियों में कूड़ा फेंकने वालों पर होगी FIR, अवैध डंपिंग साइटों पर भी कार्रवाई

देहरादून। नदियों और नदी किनारों पर कूड़ा डालने वालों के खिलाफ अब सीधे FIR दर्ज होगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शहरी निकायों को...

यूकॉस्ट में शिक्षक दिवस पर व्य़ाख्यानः हिमालयी आपदाओं से निपटने में शिक्षकों और विद्यार्थियों की भूमिका अहम- प्रो. दुर्गेश पंत

देहरादून। हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही आपदा संबंधी चुनौतियों के बीच जल स्रोतों के संरक्षण, वैज्ञानिक जल प्रबंधन और पर्यावरण के प्रति जागरूकता...

Recent Comments