Sunday, September 6, 2026
Home हेल्थ मौसमी बुखार से सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये असरदार टिप्स

मौसमी बुखार से सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये असरदार टिप्स

सर्दियों से गर्मियां आने पर मौसमी बुखार का खतरा काफी बढ़ जाता है क्योंकि गर्मी और आर्द्रता में तेजी से वायरस हमला करते हैं।इसका सबसे ज्यादा प्रभाव कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों पर पड़ता है। हालांकि, अगर हम सफाई का ध्यान रखें तो इन वायरस के हमलों से सुरक्षित रह सकते हैं।आइए आज हम आपको कुछ ऐसी असरदार टिप्स देते हैं, जिन्हें अपनाकर आप मौसमी संक्रमण से बचे रह सकते हैं।

मौसमी बुखार से जुड़े लक्षण
बुखार, बहती नाक, गले में खराश, ठंड लगना और शारीरिक दर्द होना सबसे आम लक्षण हैं, जो आम मौसमी बुखार के कारण हो सकते हैं।कुछ लोगों को इसके कारण कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है क्योंकि संक्रमण के दौरान शरीर को रोजाना के कार्य करने और तापमान संतुलित रखने के लिए अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है।इस दौरान होने वाला तेज बुखार किसी गंभीर स्थिति का संकेत दे सकता है।

हाथों को साफ रखें
मौसमी बुखार और बीमारियों से बचे रहने के सबसे आसान और प्रभावी तरीकों में से एक है कि अपने हाथों को एकदम साफ रखें।किसी भी तरह की चीज को छूने के बाद, खाने से पहले और शौचालय का उपयोग करने के बाद अपने हाथों को एंटी-बैक्टीरियल साबुन से साफ करें।खासतौर से अगर आप किसी यात्रा पर जा रहे हैं तो अपने पास एंटी-बैक्टीरियल वाइप्स रखें और उससे अपने हाथों को साफ रखें।

अपने आस-पास की सफाई है बेहद जरूरी
गंदी वायरस के विकास को बढ़ावा देती है, इसलिए अपने आस-पास सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।ऐसे क्षेत्रों से दूर रहें जहां पानी जमा हो और वायरस से छुटकारा पाने के लिए चादर, तकिए और उनके कवर को हर हफ्ते गर्म पानी से धोएं।साथ ही रोजाना अपने घर को एंटी-बैक्टीरियल सॉल्यूशन से साफ करें और कालीन या फिर रग्स को सप्ताह में कम से कम 2 बार वैक्यूम से साफ करें।

साफ पानी और भोजन का करें सेवन
संक्रमण और बीमारियों से सुरक्षित रहने के लिए साफ पानी और स्वच्छ भोजन का सेवन करें।साफ पानी के लिए फिल्टर, आरओ सिस्टम और अन्य जल शोधन उपकरणों की नियमित रूप से मरम्मत और रखरखाव करवाएं। इसके अतिरिक्त रोजाना 8 से 10 गिलास पानी का सेवन जरूर करें।वहीं भोजन के लिए फल और सब्जियों के इस्तेमाल से पहले धोएं। साथ ही हमेशा साफ बर्तनों में खाना परोसें।

मौसमी संक्रमण होने पर और क्या करें?
अगर आप पहले से ही मौसमी बुखार का सामना कर रहे हैं तो डॉक्टर से परामर्श करना सबसे अच्छा है।हालांकि, आप घरेलू नुस्खे के रूप में गर्म पानी पीना और फल खाना शुरू कर सकते हैं।जिंक और विटामिन-सी, विटामिन-डी और विटामिन-ए जैसे पोषक तत्वों से युक्त पौष्टिक भोजन करें।समय-समय पर अपने शरीर के तापमान की जांच करते रहें और दूसरों से दूरी बनाए रखने समेत पर्याप्त आराम करें।

RELATED ARTICLES

Doon Medical College में कार्डियोलॉजी विंग और नया इमरजेंसी वार्ड शुरू, MCh Urology सुपर स्पेशियलिटी कोर्स भी होगा संचालित

देहरादून। उत्तराखंड में हृदय रोग और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय ने एक और...

उत्तराखंड के फाइव स्टार होटलों पर खाद्य विभाग की नजर, Taj से Hyatt Regency तक छापेमारी जैसी जांच

देहरादून। उत्तराखंड में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अब बड़े होटल प्रतिष्ठान भी खाद्य सुरक्षा विभाग के रडार पर हैं। मिलावट और खाद्य...

नीलम अग्रवाल ट्रस्ट की पहलः निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उमड़ी भीड़, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी परामर्श सेवाएं

देहरादून। नीलम अग्रवाल मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से रविवार को न्यू कैंट रोड पर निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

सैलरी खत्म होने से पहले खत्म हो जाता है पैसा? अपनाइए सैलरी मैनेजमेंट का यह आसान मनी प्लानिंग फॉर्मूला,

देहरादून। अच्छी सैलरी होने के बावजूद यदि हर महीने हाथ तंग रहता है, तो समस्या कमाई की नहीं, पैसे की प्लानिंग की हो सकती...

देहरादून और हल्द्वानी में बिना मान्यता मदरसों पर शिकंजा, उत्तराखंड में अब तक 20 का संचालन बंद

देहरादून। उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित मदरसों की जांच के बाद प्रशासन की कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है। देहरादून में एक मदरसा...

डीएम हुए सख्तः देहरादून में नदियों में कूड़ा फेंकने वालों पर होगी FIR, अवैध डंपिंग साइटों पर भी कार्रवाई

देहरादून। नदियों और नदी किनारों पर कूड़ा डालने वालों के खिलाफ अब सीधे FIR दर्ज होगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शहरी निकायों को...

यूकॉस्ट में शिक्षक दिवस पर व्य़ाख्यानः हिमालयी आपदाओं से निपटने में शिक्षकों और विद्यार्थियों की भूमिका अहम- प्रो. दुर्गेश पंत

देहरादून। हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही आपदा संबंधी चुनौतियों के बीच जल स्रोतों के संरक्षण, वैज्ञानिक जल प्रबंधन और पर्यावरण के प्रति जागरूकता...

Recent Comments