Sunday, September 6, 2026
Home हेल्थ ठंड में ज्यादा पानी पीना बिगाड़ सकता है सेहत, जानिए कितना और...

ठंड में ज्यादा पानी पीना बिगाड़ सकता है सेहत, जानिए कितना और किस तरीके से पिएं पानी

जिन लोगों को हार्ट और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारी है उन्हें ठंड में ज्यादा पानी पीने से बचना चाहिए। गर्मी के मुकाबले में ठंड में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. ठंड में ज्यादा पानी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। जानिए ठंड में हार्ट मरीज के लोगों को कब और कितना पानी पीना चाहिए। कोरोना महामारी के बाद से ही पूरी दुनिया में हार्ट अटैक और स्ट्रोक से मरने वाली लोगों की संख्या बढ़ी है। सर्दियों के मौसम में हार्ट की बीमारी वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ जाती है. गर्मी या बाकी मौसम के मुकाबले सर्दी में हार्ट अटैक का खतरा काफी गुना बढ़ जाता है.इसकी खास वजह यह है कि ठंड में हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा जोड़ पड़ता है. सर्दियों में शरीर की नसें सिकुडऩे लगती है। ऐसे में शरीर को गर्म करने के लिए हार्ट को तेजी से पंप करना पड़ता है। जिसके कारण दिल के मरीजों की परेशानी काफी बढ़ जाती है. ठंड के दिनों में ज्यादा पानी पीना आपको मुश्किल में डाल सकता है।

ठंड में हार्ट के मरीज के लिए ज्यादा पानी पीना नुकसानदायक है
कोरोना महामारी के बाद से दुनिया भर के लोगों को तेजी से हार्ट अटैक पड़ रहा है. सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ठंड के मौसम में इसके मामले कई गुना बढ़ जाते हैं. इसलिए थोड़ा पानी पीने से पहले सोचना समझना चाहिए।

सर्दियों में ज्यादा पानी पीना हार्ट के लिए है खतरनाक
सर्दियों में कुछ लोग सुबह खाली पेट उठते ही 3-4 ग्लास पानी पी लेते हैं. अगर हार्ट के मरीज ऐसा कुछ करते हैं तो उन्हें काफी ज्यादा नुकसान हो सकता है. ऐसे में ब्लड में शुगर लेवल भी कम हो सकता है। ऐसे में शरीर का ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम इसे नॉर्मल करने का काम करता है। जब कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा लिक्विड डाइट लेते हैं तो हार्ट को पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।

खाली पेट न पिएं पानी खासकर हार्ट के मरीज
हार्ट के मरीज खाली पेट पानी न पिएं. इससे आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। क्योंकि ठंडा पानी नसों को और सख्त बना देती है . जिससे दिल को शरीर में ब्लड सप्लाई करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है. ऐसे में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। खाली पेट पानी पीना है तो गुनगुना पानी पिएं. ठंडा पानी न पिएं वह हार्ट की नसों को सिकुड़ सकती है।

RELATED ARTICLES

Doon Medical College में कार्डियोलॉजी विंग और नया इमरजेंसी वार्ड शुरू, MCh Urology सुपर स्पेशियलिटी कोर्स भी होगा संचालित

देहरादून। उत्तराखंड में हृदय रोग और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय ने एक और...

उत्तराखंड के फाइव स्टार होटलों पर खाद्य विभाग की नजर, Taj से Hyatt Regency तक छापेमारी जैसी जांच

देहरादून। उत्तराखंड में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अब बड़े होटल प्रतिष्ठान भी खाद्य सुरक्षा विभाग के रडार पर हैं। मिलावट और खाद्य...

नीलम अग्रवाल ट्रस्ट की पहलः निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उमड़ी भीड़, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी परामर्श सेवाएं

देहरादून। नीलम अग्रवाल मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से रविवार को न्यू कैंट रोड पर निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

सैलरी खत्म होने से पहले खत्म हो जाता है पैसा? अपनाइए सैलरी मैनेजमेंट का यह आसान मनी प्लानिंग फॉर्मूला,

देहरादून। अच्छी सैलरी होने के बावजूद यदि हर महीने हाथ तंग रहता है, तो समस्या कमाई की नहीं, पैसे की प्लानिंग की हो सकती...

देहरादून और हल्द्वानी में बिना मान्यता मदरसों पर शिकंजा, उत्तराखंड में अब तक 20 का संचालन बंद

देहरादून। उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित मदरसों की जांच के बाद प्रशासन की कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है। देहरादून में एक मदरसा...

डीएम हुए सख्तः देहरादून में नदियों में कूड़ा फेंकने वालों पर होगी FIR, अवैध डंपिंग साइटों पर भी कार्रवाई

देहरादून। नदियों और नदी किनारों पर कूड़ा डालने वालों के खिलाफ अब सीधे FIR दर्ज होगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शहरी निकायों को...

यूकॉस्ट में शिक्षक दिवस पर व्य़ाख्यानः हिमालयी आपदाओं से निपटने में शिक्षकों और विद्यार्थियों की भूमिका अहम- प्रो. दुर्गेश पंत

देहरादून। हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही आपदा संबंधी चुनौतियों के बीच जल स्रोतों के संरक्षण, वैज्ञानिक जल प्रबंधन और पर्यावरण के प्रति जागरूकता...

Recent Comments