Sunday, September 6, 2026
Home हेल्थ क्या आप भी खाना खाने के बाद पीते हैं चाय-कॉफी, तो एक्सपर्ट...

क्या आप भी खाना खाने के बाद पीते हैं चाय-कॉफी, तो एक्सपर्ट से जानें सही जवाब

कई लोग चाय के बहुत शौकीन होते हैं और वे खाना खाने के बाद भी चाय पीना पसंद करते हैं. लेकिन एक्सपर्ट की सलाह है कि खाना खाने के तुरंत बाद चाय पीना सही नहीं है. खाना खाने के बाद हमारा पाचन तंत्र भोजन को हजम करने में लगा रहता है. अगर इस दौरान हम चाय जैसे गर्म पेय का सेवन करते हैं तो पेट में एसिडिटी का स्तर बढ़ जाता है. इससे एसिडिटी, अपच, पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. आइए
इसलिए एक्सपर्ट्स की सलाह है कि भोजन के कम से कम 1-2 घंटे बाद ही आपको चाय या कॉफी लेनी चाहिए. इतने समय में आपके पेट में पचने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है और गर्म जीचें पीने से कोई हानि नहीं होगी।

खराब पाचन तंत्र
चाय या कॉफीन में कैफीन होता है जो पेट की लाइनिंग को उत्तेजित करता है. इससे एसिडिटी, गैस, अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

ब्लड प्रेशर पर बुरा असर
चाय में कैफीन होता है, जो कि एक स्टिमुलेंट है. यह हमारे शरीर में तनाव उत्पन्न करता है जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. खासकर जब हम खाना खाकर चाय पीते हैं तो पाचन प्रक्रिया कमजोर होने से कैफीन का असर और भी बढ़ जाता है. अगर कोई व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर का मरीज है तो डॉक्टर उन्हें खाने के बाद चाय बिल्कुल न पीने की हिदायत देते हैं. क्योंकि इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल से बाहर हो सकता है और गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

आयरन की कमी
खाना खाने के बाद हमारा पाचन तंत्र उसे पचाकर उससे पोषक तत्व अवशोषित करने की प्रक्रिया में लग जाता है. लेकिन अगर हम इसी बीच में चाय या कोई अन्य पेय लेते हैं तो पाचन प्रक्रिया बाधित हो जाती है और पोषक तत्व ठीक से शरीर में समाहित नहीं हो पाते. इससे खासकर आयरन की कमी होने लगती है क्योंकि चाय में टैनिन होता है जो आयरन के अवशोषण में बाधा डालता है. आयरन की कमी से एनीमिया, थकान जैसी समस्याएं होती हैं।

सिर दर्द की समस्या
खाने के बाद चाय पीने से सिरदर्द जैसी समस्याएं होने लगती है.चाय में उपयोग होने वाले दूध में करीब 2.8त्न लैक्टोज होता है. कई लोगों के शरीर में लैक्टोज को पचाने का एंजाइम नहीं होता है जिससे उन्हें इसे हजम करने में दिक्कत होती है। इस स्थिति में लैक्टोज आंतों में जाकर गैस और दबाव पैदा करता है जो सिरदर्द का कारण बन सकता है।

RELATED ARTICLES

Doon Medical College में कार्डियोलॉजी विंग और नया इमरजेंसी वार्ड शुरू, MCh Urology सुपर स्पेशियलिटी कोर्स भी होगा संचालित

देहरादून। उत्तराखंड में हृदय रोग और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय ने एक और...

उत्तराखंड के फाइव स्टार होटलों पर खाद्य विभाग की नजर, Taj से Hyatt Regency तक छापेमारी जैसी जांच

देहरादून। उत्तराखंड में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अब बड़े होटल प्रतिष्ठान भी खाद्य सुरक्षा विभाग के रडार पर हैं। मिलावट और खाद्य...

नीलम अग्रवाल ट्रस्ट की पहलः निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उमड़ी भीड़, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी परामर्श सेवाएं

देहरादून। नीलम अग्रवाल मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से रविवार को न्यू कैंट रोड पर निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

सैलरी खत्म होने से पहले खत्म हो जाता है पैसा? अपनाइए सैलरी मैनेजमेंट का यह आसान मनी प्लानिंग फॉर्मूला,

देहरादून। अच्छी सैलरी होने के बावजूद यदि हर महीने हाथ तंग रहता है, तो समस्या कमाई की नहीं, पैसे की प्लानिंग की हो सकती...

देहरादून और हल्द्वानी में बिना मान्यता मदरसों पर शिकंजा, उत्तराखंड में अब तक 20 का संचालन बंद

देहरादून। उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित मदरसों की जांच के बाद प्रशासन की कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है। देहरादून में एक मदरसा...

डीएम हुए सख्तः देहरादून में नदियों में कूड़ा फेंकने वालों पर होगी FIR, अवैध डंपिंग साइटों पर भी कार्रवाई

देहरादून। नदियों और नदी किनारों पर कूड़ा डालने वालों के खिलाफ अब सीधे FIR दर्ज होगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शहरी निकायों को...

यूकॉस्ट में शिक्षक दिवस पर व्य़ाख्यानः हिमालयी आपदाओं से निपटने में शिक्षकों और विद्यार्थियों की भूमिका अहम- प्रो. दुर्गेश पंत

देहरादून। हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही आपदा संबंधी चुनौतियों के बीच जल स्रोतों के संरक्षण, वैज्ञानिक जल प्रबंधन और पर्यावरण के प्रति जागरूकता...

Recent Comments