चमोली। बारिश से फिसलन भरे पहाड़ी रास्तों के बीच निकल रही मां नंदा की लोकजात और बड़ी जात यात्रा के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। श्रद्धालुओं को मुश्किल रास्तों से सुरक्षित निकालने और आपात स्थिति में तत्काल सहायता देने के लिए अतिरिक्त जवान लगाए गए हैं। यात्रा मार्ग को एक जोन और चार सेक्टरों में बांटकर निगरानी की व्यवस्था की गई है।
शुक्रवार को चेपड़ो मैदान में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने यात्रा की ड्यूटी संभाल रहे पुलिस अधिकारियों और जवानों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम और मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। बारिश के दौरान रास्तों पर बढ़ने वाली फिसलन और कठिन चढ़ाई-उतराई को देखते हुए ड्यूटी में पूरी सतर्कता जरूरी है।
अनुभवी पुलिसकर्मियों को भी सौंपी जिम्मेदारी
यात्रा के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए थराली क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इनमें पिछली नंदा यात्राओं में ड्यूटी कर चुके जवानों को भी शामिल किया गया है। दुर्गम रास्तों और जोखिम वाले स्थानों पर एसडीआरएफ के साथ पर्वतारोही पुलिस दल को लगाया गया है, जिससे किसी परेशानी में फंसे श्रद्धालु तक जल्द सहायता पहुंच सके।
सुरक्षा के साथ सहयोगपूर्ण व्यवहार के निर्देश
एसपी ने जवानों को श्रद्धालुओं की मदद के लिए तत्पर रहने को कहा। उन्होंने बताया कि मां नंदा की जात यात्रा धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण आयोजन है, लेकिन मौजूदा मौसम में पहाड़ी मार्गों पर आवाजाही चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। पुलिस की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित आगे बढ़ने में सहयोग मिले और जोखिम वाले हिस्सों में विशेष सावधानी बरती जाए।
राहत और बचाव के लिए तालमेल बनाए रखें टीमें
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए पुलिस, एसडीआरएफ और पर्वतारोही दल को आपसी समन्वय बनाए रखने को कहा गया है, ताकि कठिन पहाड़ी रास्तों पर जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।






