देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश में क्षेत्रीय और छोटे राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाने की कोशिश शुरू हो गई है। इस दिशा में उत्तराखंड डेमोक्रेटिक अलायंस के गठन की घोषणा की गई है। गठबंधन का लक्ष्य क्षेत्रीय दलों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संगठनों और जनसरोकार से जुड़े समूहों को जोड़कर एक साझा राजनीतिक मंच तैयार करना बताया गया है।
अलायंस की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि राज्य के मुद्दों पर क्षेत्रीय ताकतों को संगठित होकर काम करना चाहिए। संगठन ने मूल निवास, हक-हकूक, स्थायी राजधानी, रोजगार, पलायन, विकास और भ्रष्टाचार जैसे विषयों को केंद्र में रखने की बात कही है।
आशुतोष नेगी को बनाया गया संयोजक
उत्तराखंड डेमोक्रेटिक अलायंस ने उत्तराखंड क्रांति दल (ऑफिशियल/आशुतोष) के नेता आशुतोष नेगी को गठबंधन का संयोजक नियुक्त किया है। अलायंस का कहना है कि नेगी विभिन्न क्षेत्रीय राजनीतिक दलों और संगठनों के बीच संवाद स्थापित कर उन्हें एकजुट करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
स्थानीय मुद्दों पर साझा एजेंडा बनाने की तैयारी
गठबंधन की ओर से कहा गया कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां और स्थानीय जरूरतें देश के अन्य राज्यों से अलग हैं। ऐसे में राज्य के लिए अलग राजनीतिक सोच और स्थानीय मुद्दों पर आधारित साझा एजेंडा जरूरी है।
अलायंस ने जल, जंगल, जमीन, खनन, पेपर लीक, रिश्वतखोरी और माफिया गतिविधियों जैसे मुद्दों को भी उठाया है। संगठन का दावा है कि वह स्थानीय लोगों के अधिकारों और राज्य हित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से आगे बढ़ाएगा।
क्षेत्रीय विकल्प बनाने का दावा
उत्तराखंड डेमोक्रेटिक अलायंस ने आगामी विधानसभा चुनाव में प्रभावी भूमिका निभाने का दावा किया है। संगठन ने प्रदेश के क्षेत्रीय दलों, सामाजिक-धार्मिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और आम लोगों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है।
गठबंधन की इस पहल को विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में क्षेत्रीय राजनीति को फिर से संगठित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।






