चमोली। नंदा देवी बड़ी जात यात्रा में शामिल होने की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए जरूरी खबर है। प्रशासन ने यात्रा मार्ग के दुर्गम और संवेदनशील हिस्सों का निरीक्षण कराने के बाद सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। खासकर बेदनी से आगे के ऊंचाई वाले और निर्जन क्षेत्र में यात्रियों की संख्या व आवाजाही सीमित रखने की सलाह दी गई है।
नंदा देवी बड़ी जात यात्रा आयोजन समिति के प्रस्तावित रूट का वन विभाग, पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने मौके पर जाकर जायजा लिया। टीम ने वाण-ज्यूरागली-होमकुंड मार्ग के साथ ही सुतोल से होमकुंड तक के रास्ते का भी निरीक्षण किया।
66 किलोमीटर क्षेत्र का किया गया स्थलीय परीक्षण
संयुक्त टीम ने वाण से ज्यूरागली तक करीब 32 किलोमीटर और सुतोल से होमकुंड तक लगभग 34 किलोमीटर हिस्से की स्थिति देखी। सर्वे में कई स्थान कठिन चढ़ाई वाले, भूस्खलन संभावित और आपदा के लिहाज से संवेदनशील पाए गए।
निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने आयोजन समिति को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश भेजे हैं। समिति से यात्रा के दौरान पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा, आपदा प्रबंधन और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बेदनी से आगे सतर्कता सबसे जरूरी
एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि बेदनी के आगे यात्रा का मार्ग ऊंचे हिमालयी और निर्जन वन क्षेत्र से गुजरता है। यहां मौसम में अचानक बदलाव, कठिन पैदल रास्ते और आपदा की आशंका को देखते हुए यात्रा को जरूरत के मुताबिक सीमित रखने की सलाह दी गई है।
बिना स्वास्थ्य जांच आगे न बढ़ें श्रद्धालु
प्रशासन ने बेदनी की ओर रवाना होने से पहले सभी श्रद्धालुओं को वाण में स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दी है। इससे यात्रा के लिए व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति का समय रहते पता चल सकेगा और किसी आपात स्थिति में जोखिम कम किया जा सकेगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान जारी निर्देशों का पूरा पालन करें, मौसम और रास्ते की स्थिति की जानकारी लेते रहें तथा किसी भी स्थिति में सुरक्षा नियमों की अनदेखी न करें।






