Thursday, July 23, 2026
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बड़ी उपलब्धिः उत्तराखंड में फिल्म उद्योग को नई रफ्तार, फिल्म नीति-2024 से क्षेत्रीय सिनेमा को मजबूती

देहरादून। उत्तराखंड सरकार राज्य में फिल्म उद्योग को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर सक्रिय है। प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण, विविध भौगोलिक परिस्थितियाँ और सहज प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण प्रदेश तेजी से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर लागू की गई फिल्म नीति-2024 ने क्षेत्रीय और मुख्यधारा सिनेमा को नई गति दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, पर्वतीय परिदृश्य और सुरक्षित माहौल इसे फिल्मांकन के लिए आदर्श बनाते हैं। राज्य सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से शूटिंग अनुमति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया है, जिससे निर्माताओं को त्वरित स्वीकृति मिल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म नीति का उद्देश्य केवल शूटिंग को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि पर्यटन संवर्धन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना और रोजगार के अवसरों का विस्तार करना भी है। वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म और फीचर फिल्मों को समान रूप से प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

2025-26 में कुल 25 फिल्मों को मिली अनुदान राशि

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने बताया कि परिषद वर्ष में दो बार जुलाई और जनवरी में अनुदान संबंधी समिति की बैठक आयोजित करती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 25 फिल्मों को 8.28 करोड़ रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की गई। जुलाई 2025 की बैठक में 12 प्रस्तावों को और जनवरी 2026 में 13 फिल्मों को अनुदान प्रदान किया गया। परिषद राज्य में फिल्मांकन के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित कर रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।

सब्सिडी से क्षेत्रीय सिनेमा को भी मिला संबल

फिल्म नीति-2024 के तहत गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी भाषाओं की फिल्मों को प्रोत्साहन मिला है। जिन फिल्मों को अनुदान प्राप्त हुआ, उनमें ‘जोना’ (गढ़वाली) ₹5,84,528, ‘मीठी माँ कु आशीर्वाद’ (गढ़वाली) ₹20,83,050, ‘मेरे गांव की बाट’ (जौनसारी) ₹31,04,360, ‘घपरोल’ (गढ़वाली) ₹21,85,819, ‘द्वी होला जब साथ’ (गढ़वाली) ₹18,48,883, ‘गढ़-कुमौं’ (उत्तराखण्डी) ₹20,93,140, ‘असगार’ (गढ़वाली) ₹16,96,852, ‘रतब्याण’ (गढ़वाली) ₹9,96,193, ‘संस्कार’ (गढ़वाली) ₹26,68,175, ‘मेरु गौ’ (गढ़वाली) ₹7,91,305, ‘अजाण’ (गढ़वाली) ₹9,24,286, ‘बथों सुबेरो घाम-2’ (गढ़वाली) ₹6,53,073, ‘धरती म्यर कुमाऊँ’ (कुमाऊंनी) ₹17,63,528 और ‘कारा एक प्रथा’ (गढ़वाली) ₹18,86,726 शामिल हैं।

हिन्दी फिल्मों को भी मिला प्रोत्साहन

राज्य की फिल्म नीति से आकर्षित होकर देश-विदेश के निर्माता उत्तराखंड में शूटिंग के लिए पहुंच रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में हिन्दी और अन्य भाषाई परियोजनाओं को भी अनुदान दिया गया है। इनमें ‘विकी विद्या का वह वाला वीडियो’ ₹1,95,00,000, वेब सीरीज ‘लाइफ हिल गई’ ₹94,76,565, ‘Tanvi the Great’ (हिंदी/अंग्रेजी) ₹99,85,806, ‘माली’ ₹28,01,229, ‘मैं लड़ेगा’ ₹15,11,907, ‘5th सितम्बर’ ₹17,33,028, ‘केसरी चैप्टर-2’ ₹41,22,664, ‘ढाई आखर प्रेम का’ ₹33,76,008, ‘गंगा संग रविदास’ ₹9,34,980, ‘ए वेडिंग स्टोरी’ ₹9,50,302 और ‘Middle Class Love’ ₹51,96,578 शामिल हैं।

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