नई दिल्ली। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आए पेपर लीक और संगठित नकल के मामलों पर सख्ती करते हुए लोकसभा ने बुधवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक का उद्देश्य वर्ष 2024 के कानून को और अधिक प्रभावी बनाना है ताकि सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।
सदन में विधेयक पर चर्चा के दौरान सरकार ने कहा कि लाखों युवाओं का भविष्य परीक्षा प्रणाली पर निर्भर करता है और पेपर लीक जैसे अपराध केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं। सरकार ने तर्क दिया कि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं ने कठोर कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता को और स्पष्ट किया है।
संशोधन विधेयक के अनुसार पेपर लीक, संगठित परीक्षा धोखाधड़ी तथा तकनीक के माध्यम से की जाने वाली अनियमितताओं के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधानों को और कड़ा किया गया है। इसके साथ ही मामलों की समयबद्ध जांच, विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों में सुनवाई, विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति तथा अपीलों के शीघ्र निस्तारण जैसी व्यवस्थाएं भी प्रस्तावित की गई हैं, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके और भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने अन्य मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया, जिससे सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बनी रही। इसके बावजूद विधेयक पर चर्चा पूरी होने के बाद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
अब यह विधेयक संसद के उच्च सदन में विचार के लिए भेजा जाएगा। दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद संशोधित कानून पूरे देश में लागू होगा। सरकार का कहना है कि नया प्रावधान केवल कठोर दंड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और भरोसा बढ़ाने का भी माध्यम बनेगा।
संशोधित कानून की प्रमुख बातें
- पेपर लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी पर पहले से अधिक कठोर दंड।
- मामलों की त्वरित जांच और सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का प्रावधान।
- विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति का प्रावधान।
- अपीलों के समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था।
- तकनीक आधारित परीक्षा अपराधों पर भी कड़ी कार्रवाई।
- सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने पर विशेष जोर।






