Monday, June 8, 2026
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अर्थव्यवस्था में उत्तराखंड की ऊंची छलांग, जीडीपी डेढ़ गुना बढ़ी, प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी

देहरादून। उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में तेजी का दौर जारी है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वर्ष 2024–25 में बढ़कर ₹3,81,889 करोड़ पहुंच गया है, जो वर्ष 2021–22 में करीब ₹2.54 लाख करोड़ था। यानी तीन वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026–27 के लिए 8.2 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का अनुमान जताया है।

सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने बताया कि वर्ष 2024–25 में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 7.23 प्रतिशत रही है। उन्होंने कहा कि इस बार आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) के सहयोग से तैयार की गई है।

राज्य में प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2021–22 में प्रति व्यक्ति आय ₹1,94,670 थी, जो वर्ष 2024–25 में बढ़कर ₹2,73,921 हो गई है। इसी अवधि में बहुआयामी गरीबी सूचकांक 9.7 प्रतिशत से घटकर 6.92 प्रतिशत रह गया है। श्रम भागीदारी दर भी 60.1 प्रतिशत से बढ़कर 64.4 प्रतिशत हो गई है, जो रोजगार के अवसरों में वृद्धि का संकेत देती है।

औद्योगिक गतिविधियों में तेजी भी आर्थिक वृद्धि की बड़ी वजह मानी जा रही है। राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की संख्या वर्ष 2021–22 के 59,798 से बढ़कर 2024–25 में 79,394 हो गई है। इन उद्यमों के माध्यम से रोजगार पाने वालों की संख्या भी बढ़कर 4,56,605 तक पहुंच गई है। बड़े उद्योगों की संख्या 107 से बढ़कर 128 हो गई है, जबकि स्टार्टअप के क्षेत्र में भी तेजी आई है। वर्ष 2017 तक राज्य में कोई स्टार्टअप नहीं था, लेकिन वर्ष 2024–25 में इनकी संख्या 1,750 तक पहुंच गई है।

बुनियादी ढांचे के विकास में भी वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य में सड़कों की कुल लंबाई 50,393 किलोमीटर से बढ़कर 51,278 किलोमीटर हो गई है। हेलीपोर्ट की संख्या दो से बढ़कर सात हो गई है, जबकि हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 तक पहुंच गई है।

शिक्षा के क्षेत्र में सुधार भी सामने आया है। प्राथमिक विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर 1.64 प्रतिशत से घटकर 1.41 प्रतिशत रह गई है, जबकि माध्यमिक विद्यालयों में यह 7.65 प्रतिशत से घटकर 4.59 प्रतिशत हो गई है। राज्य में डिग्री कॉलेजों की संख्या 124 से बढ़कर 139 हो गई है, जबकि इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 20 से बढ़कर 52 तक पहुंच गई है।

ऊर्जा क्षेत्र में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2021–22 में जहां 5,157 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन होता था, वहीं वर्ष 2024–25 में यह बढ़कर 16,500 मिलियन यूनिट हो गया है। बिजली की खपत भी बढ़कर 17,192 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई है। सौर ऊर्जा उत्पादन में भी तेजी आई है और यह 439 मेगावाट से बढ़कर 1,027 मेगावाट हो गया है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के संकेत भी सामने आए हैं। शिशु मृत्यु दर 22 से घटकर 20 हो गई है, जबकि मातृ मृत्यु दर 103 से घटकर 91 पर आ गई है। राज्य में औसत जीवन प्रत्याशा भी 71.7 वर्ष से बढ़कर 73 वर्ष हो गई है।

कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। धान और गेहूं का उत्पादन 28.23 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 32.47 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया है। औषधीय और सुगंधित पौधों का क्षेत्रफल 900 हेक्टेयर से बढ़कर 10 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है। दुग्ध उत्पादन 50.92 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 54.59 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है, जबकि मछली उत्पादन भी 7,325 टन से बढ़कर 10,487 टन प्रति वर्ष हो गया है।

पर्यटन क्षेत्र में भी विस्तार देखने को मिला है। राज्य में होटल और अन्य आवासीय इकाइयों की संख्या 8,225 से बढ़कर 10,509 हो गई है, जबकि होमस्टे की संख्या 3,935 से बढ़कर 6,161 तक पहुंच गई है। सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के मामले में भी उत्तराखंड ने बेहतर प्रदर्शन किया है और वर्ष 2023–24 में राज्य ने एसडीजी इंडेक्स में देश में पहला स्थान हासिल किया।

अर्थव्यवस्था की बड़ी झलक
उत्तराखंड का जीएसडीपी वर्ष 2024–25 में ₹3,81,889 करोड़ पहुंच गया है, जो वर्ष 2021–22 के मुकाबले डेढ़ गुना से अधिक है। वर्ष 2026–27 में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।

आय और रोजगार में बढ़ोतरी
राज्य में प्रति व्यक्ति आय ₹1,94,670 से बढ़कर ₹2,73,921 हो गई है। एमएसएमई की संख्या 59,798 से बढ़कर 79,394 हो गई है और इनसे जुड़े रोजगार भी बढ़कर 4.56 लाख से अधिक हो गए हैं।

उद्योग और स्टार्टअप में तेजी
राज्य में बड़े उद्योगों की संख्या 107 से बढ़कर 128 हो गई है। वर्ष 2017 तक जहां कोई स्टार्टअप नहीं था, वहीं वर्ष 2024–25 तक इनकी संख्या 1,750 तक पहुंच गई है।

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