देहरादून। प्रदेश सरकार ने स्पेशलिस्ट डॉक्टरो को बड़ा तोहफा दिया है। उनकी रिटायरमेंट की उम्र में पांच साल की बढ़ोत्तरी की गई है। इसके बाद अब प्रदेश में स्पेशलिस्ट डॉक्टर 60 नहीं बल्कि 65 साल की उम्र में रिटायर होंगे। इससे प्रदेश के मौजूदा 550 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को फायदा मिलेगा। वहीं, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी दूर होगी और लोगों को इनकी सेवाओं का पांच साल तक ज्यादा फायदा मिलेगा।
स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि रिटायरमेंट उम्र में बढ़ोत्तरी संबंधी यह आदेश जारी कर दिया गया है। इससे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के सरकार के प्रयास ज्यादा मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण कई तरह की दिक्कतें पैदा होती हैं लेकिन इस निर्णय से उनका काफी हद तक समाधान हो जाएगा।
नहीं मिलेगा वित्तीय और प्रशासनिक प्रभार
स्वास्थ्य सचिव बताया कि 60 साल की उम्र के बाद किसी भी स्पेशलिस्ट डॉक्टर को प्रशासनिक पद और वित्तीय दायित्वों का प्रभार नहीं दिया जाएगा। उनकी तैनाती मुख्य परामर्शदाता के रूप में, उनकी स्पेशलाइजेशन और खाली पदों के अनुसार की जाएगी। साथ ही, ऐसे चिकित्सा अधिकारियों को उसके बाद प्रमोशन का लाभ भी नहीं दिया जाएगा। हालांकि उन्हें वेतन वृद्धि एवं अन्य सेवा लाभ, सेवा के दौरान व सेवानिवृत्ति पर राजकीय कार्मिकों की भांति ही नियमानुसार अनुमन्य होंगे।