Thursday, July 23, 2026
Home बड़ी खबर दिल्ली की बहुचर्चित आबकारी नीति मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, केजरीवाल...

दिल्ली की बहुचर्चित आबकारी नीति मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, केजरीवाल और सिसोदिया बाइज्जत बरी

नई दिल्ली। दिल्ली की बहुचर्चित आबकारी नीति मामले में आज बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal और पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia समेत कुल 23 आरोपियों को आरोपमुक्त (डिस्चार्ज) कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्य प्रथम दृष्टया आरोप तय करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं और उपलब्ध सामग्री के आधार पर मुकदमा चलाना न्यायसंगत नहीं होगा।

यह आदेश Rouse Avenue Court के विशेष न्यायाधीश ने विस्तृत सुनवाई के बाद पारित किया। अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, यानी Central Bureau of Investigation द्वारा दायर आरोपपत्र में जिन तथ्यों और परिस्थितियों का उल्लेख किया गया, वे आपराधिक साजिश या भ्रष्ट आचरण का ठोस आधार स्थापित नहीं करते। न्यायालय ने कहा कि आरोप अनुमान और व्याख्या पर आधारित हैं, लेकिन उन्हें पुष्ट करने वाला स्वतंत्र और ठोस साक्ष्य रिकॉर्ड पर नहीं है।

मामला वर्ष 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति से जुड़ा है। आरोप था कि नई नीति बनाते समय कुछ निजी कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नियमों में बदलाव किए गए, लाइसेंसिंग प्रक्रिया में पक्षपात हुआ और इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा। इस संबंध में सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। समानांतर रूप से धन शोधन के पहलुओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय, यानी Enforcement Directorate ने भी की थी।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों, गवाहों के बयानों और कथित लेन-देन के विवरण से यह स्थापित नहीं होता कि आरोपित सार्वजनिक पदाधिकारियों ने किसी आपराधिक साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई या व्यक्तिगत लाभ प्राप्त किया। न्यायालय ने यह भी कहा कि नीति निर्माण अपने आप में अपराध नहीं है, जब तक यह स्पष्ट रूप से सिद्ध न हो कि निर्णय अवैध लाभ पहुंचाने की मंशा से लिया गया था।

विशेष अदालत ने जांच प्रक्रिया पर भी टिप्पणी की। आदेश में कहा गया कि आरोपपत्र में कई स्थानों पर सामान्यीकृत आरोप हैं, परंतु उन्हें ठोस साक्ष्य से नहीं जोड़ा गया। न्यायालय ने जांच अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई पर विचार करने के निर्देश भी दिए। अदालत का मत था कि आपराधिक मुकदमे की दहलीज पार करने के लिए केवल आशंका या संदेह पर्याप्त नहीं होता, बल्कि स्पष्ट और विश्वसनीय साक्ष्य अपेक्षित है।

इस फैसले के साथ ही केजरीवाल और सिसोदिया को इस मामले में बड़ी राहत मिली है। दोनों नेताओं को पहले इस प्रकरण में गिरफ्तार किया गया था और बाद में विभिन्न अदालतों से उन्हें जमानत मिली थी। आज के आदेश के बाद ट्रायल की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ेगी, जब तक कि उच्चतर अदालत इस आदेश में हस्तक्षेप न करे।

फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने इसे सत्य की जीत बताया और कहा कि न्यायपालिका पर उनका विश्वास मजबूत हुआ है। मनीष सिसोदिया ने भी कहा कि उन्होंने हमेशा संवैधानिक प्रक्रिया पर भरोसा रखा और अदालत ने तथ्यों के आधार पर निर्णय दिया है। आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित मामले का अंत बताया, जबकि विपक्षी दलों की ओर से इस पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आईं।

हालांकि मामला यहीं समाप्त होता नहीं दिख रहा। सीबीआई ने संकेत दिया है कि वह इस आदेश को चुनौती देगी। एजेंसी ने कहा है कि वह विस्तृत आदेश का अध्ययन कर आगे की कानूनी रणनीति तय करेगी। सूत्रों के अनुसार, इस निर्णय को Delhi High Court में अपील के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। यदि उच्च न्यायालय इस आदेश पर रोक लगाता है या इसे पलटता है, तो मामले की सुनवाई पुनः शुरू हो सकती है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि डिस्चार्ज आदेश का अर्थ यह है कि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोप तय करने योग्य सामग्री नहीं पाई। यह पूर्ण बरी (acquittal) से भिन्न प्रक्रिया है, जो आमतौर पर ट्रायल के बाद होती है। यहां अदालत ने प्रारंभिक चरण में ही यह निष्कर्ष निकाला कि अभियोजन का मामला आगे बढ़ने योग्य नहीं है।

दिल्ली की आबकारी नीति का यह मामला पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र रहा है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई, गिरफ्तारियां, जमानत याचिकाएं और अदालतों में लंबी सुनवाई ने इसे उच्च-प्रोफाइल प्रकरण बना दिया था। आज के आदेश ने इस अध्याय में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला दिया है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष अब उच्च न्यायालय के रुख पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, विशेष अदालत का स्पष्ट मत है कि प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने का पर्याप्त आधार नहीं बनता। आगे की कानूनी प्रक्रिया अब अपील पर निर्भर करेगी।

RELATED ARTICLES

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज निकिता, काजल और आरती ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, मुख्यमंत्री धामी ने किया सम्मानित

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाली पिथौरागढ़ की तीन महिला मुक्केबाजों को मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह...

देहरादून महायोजना-2041: जनसुनवाई में उमड़े नागरिक, यातायात, पर्यावरण और बुनियादी सुविधाओं पर दिए अहम सुझाव

देहरादून। वर्ष 2041 तक देहरादून को सुव्यवस्थित, आधुनिक और पर्यावरणीय दृष्टि से संतुलित राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रही...

वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल की शोधपरक पुस्तक ‘कण्वाश्रम-भरत से भारतवर्ष’ का भव्य समारोह में विमोचन

कोटद्वार। सैनिक सम्मान समारोह के दौरान उत्तराखंड के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शोधपरक पुस्तक 'कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष' का भव्य लोकार्पण...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज निकिता, काजल और आरती ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, मुख्यमंत्री धामी ने किया सम्मानित

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाली पिथौरागढ़ की तीन महिला मुक्केबाजों को मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह...

देहरादून महायोजना-2041: जनसुनवाई में उमड़े नागरिक, यातायात, पर्यावरण और बुनियादी सुविधाओं पर दिए अहम सुझाव

देहरादून। वर्ष 2041 तक देहरादून को सुव्यवस्थित, आधुनिक और पर्यावरणीय दृष्टि से संतुलित राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रही...

वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल की शोधपरक पुस्तक ‘कण्वाश्रम-भरत से भारतवर्ष’ का भव्य समारोह में विमोचन

कोटद्वार। सैनिक सम्मान समारोह के दौरान उत्तराखंड के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शोधपरक पुस्तक 'कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष' का भव्य लोकार्पण...

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: हाई अलर्ट पर सरकारी मशीनरी, देहरादून सहित कई जिलों में स्कूल बंद

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर आक्रामक होता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को राज्य के कई...

Recent Comments