Saturday, June 13, 2026
Home आर्टिकल सीट बंटवारे पर कांग्रेस की नई रणनीति

सीट बंटवारे पर कांग्रेस की नई रणनीति

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में सीट बंटवारे की चर्चा नहीं हो रही है क्योंकि कांग्रेस ने इसके लिए मना किया हुआ है। शरद पवार के घर पर 13 सितंबर को कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में इस बारे में बात उठी थी लेकिन बैठक शामिल हुए कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कह दिया कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद इस बारे में बात होगी। उसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने यह भी कह दिया कि विपक्षी गठबंधन की अगली यानी चौथी बैठक तीन दिसंबर को पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आने के बाद ही होगी। अब कांग्रेस ने सीट बंटवारे को लेकर नई रणनीति का संकेत दिया है। जानकार सूत्रों के मुताबिक विपक्षी गठबंधन की कोऑर्डिनेशन कमेटी में सीट बंटवारे पर चर्चा नहीं होगी।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस राज्यवार सीट बंटवारा चाहती है और यह भी चाहती है कि कांग्रेस के प्रदेश नेता हर राज्य में सीट बंटवारे पर बात करें। अगर कांग्रेस इस बात पर अड़ती है तो फिर कोऑर्डिनेशन कमेटी में सीट बंटवारे पर चर्चा नहीं हो पाएगी क्योंकि उसमें 13 सदस्य हैं और हर राज्य में सबकी मौजूदगी या रूचि नहीं है। मिसाल के तौर पर जेएमएम के सदस्य की महाराष्ट्र या मध्य प्रदेश में सीट बंटवारे में कोई रूचि नहीं होगी और न डीएमके को झारखंड में कोई रूचि होगी। सो, अगर कांग्रेस की राज्य इकाइयों को सीट बंटवारे के लिए कहा जाता है तो कोऑर्डिनेशन कमेटी में सिर्फ चुनावी रणनीति और साझा न्यूनतम कार्यक्रम आदे के बारे में चर्चा होगी। इसके समन्वयक या संयोजक की भी कोई भूमिका नहीं रह जाएगी।

अगर कांग्रेस की इस रणनीति पर टिकट बंटवारे की बात होती है तो इसका मतलब है कि बिहार में राजद, जदयू, कांग्रेस और लेफ्ट के नेता बैठ कर सीटों का बंटवारा करेंगे। उसमें ‘इंडिया’ गठबंधन की बाकी दो दर्जन पार्टियों का कोई रोल नहीं होगा। इसी तरह हर राज्य में जो मजबूत प्रादेशिक पार्टी है वह कांग्रेस या किसी दूसरी ऐसी पार्टी के साथ बात करेगा, जिसकी उस राज्य की राजनीति में मौजूदगी होगी। जिन राज्यों में गठबंधन तय नहीं है, जैसे उत्तर प्रदेश में तो उन राज्यों में ‘इंडिया’ के बड़े नेता प्रादेशिक पार्टियों के साथ बात करेंगे और उनको गठबंधन में लाने की कोशिश करेंगे।

कांग्रेस की इस रणनीति में एक पेंच ऐसी पार्टियों के साथ तालमेल का है, जिनकी अखिल भारतीय मौजूदगी है या जिनका एक से ज्यादा राज्यों में मजबूत संगठन है। जैसे एनसीपी के नेता महाराष्ट्र से बाहर गोवा, गुजरात, मेघालय आदि राज्यों में भी सीट की मांग कर सकते हैं। कम्युनिस्ट पार्टियों के साथ अगर सीटों का तालमेल होता है तो वह भी राज्यवार मुश्किल लगता है कि क्योंकि सीपीएम और सीपीआई का संगठन अब भी कई राज्यों में है। बहरहाल, कांग्रेस की यह रणनीति प्रादेशिक पार्टियों को चिंता में डालने वाली है क्योंकि प्रदेश संगठनों से बातचीत में एक कॉमन या पूरे देश का एजेंडा बनाने में दिक्कत होगी। अगर यह बात राष्ट्रीय स्तर पर होती तो विपक्ष के बड़े नेता कांग्रेस पर दबाव बना सकते थे और भाजपा को हराने की दुहाई देकर उसके साथ मोलभाव कर सकते थे। राज्यों में यह थोड़ा मुश्किल होगा।

RELATED ARTICLES

पुरानी चुनौतियों के साथ ही रसोई गैस की किल्लत भी बढ़ाएगी चारधाम यात्रा की परेशानी, असमंजस में व्यवसायी

अनिल चन्दोला, देहरादून। उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू में अब चंद दिन ही बाकी हैं। हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं...

उत्तराखंड में सालभर रूठी रही प्रकृति, 260 से ज्यादा की मौत, कई अब तक लापता, करोड़ों का नुकसान

अनिल चन्दोला, देहरादून। उत्तराखंड के लिए यह साल आपदा के दृष्टिकोण से बेहद मनहूस साबित हो रहा है। सितंबर आधा बीतने के बावजूद तेज बारिश...

देहरादून में आपदा से बड़े पैमाने पर नुकसान, अनियोजित विकास ने बढ़ाया दर्द, अब सबक लेने का वक्त

अनिल चन्दोला, देहरादून राजधानी देहरादून सोमवार को बादल फटने और अतिवृष्टि की विभीषिका से दहल उठी। देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने टौंस, तमसा, रिस्पना...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

एसडीजी में उत्तराखंड की बड़ी छलांग, देशभर में 10वें से पहले स्थान पर पहुंचा, जिलों में रुद्रप्रयाग अव्वल

देहरादून। उत्तराखंड ने नीति आयोग के एसडीजी (Sustainable Development Goals) इंडिया इंडेक्स में बड़ी छलांग लगाई है। पिछली रैंकिग में 10वें स्थान पर रहा...

मजबूरियों ने पढ़ाई छुड़वाई, लेकिन हौसले नहीं टूटे। अब सैनिक से अफसर बनने जा रहे पौड़ी के मनदीप

पौड़ी गढ़वाल। पहाड़ के छोटे से गांव से निकलकर सपनों को सच करना आसान नहीं होता। आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियां और सीमित संसाधन अक्सर...

नीलम अग्रवाल ट्रस्ट की पहलः निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उमड़ी भीड़, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी परामर्श सेवाएं

देहरादून। नीलम अग्रवाल मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से रविवार को न्यू कैंट रोड पर निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन...

कई आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल, आशीष चौहान बने जिलाधिकारी देहरादून

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने शनिवार रात कई आईएएस, पीसीएस और सचिवालय सेवा के अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल कर दिया। आशीष चौहान को देहरादून...

Recent Comments