देहरादून। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धिकरण यज्ञ को लेकर कांग्रेस आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवास की ओर कूच करेगी। पार्टी ने प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं को देहरादून पहुंचने का आह्वान किया है। परेड ग्राउंड से सुबह 10 बजे प्रस्तावित इस मार्च के जरिए कांग्रेस सरकार पर कार्रवाई का दबाव बनाने की तैयारी में है।
कांग्रेस का आरोप है कि उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण प्रकरण में अब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पार्टी इसे दलित सम्मान और सामाजिक बराबरी से जुड़ा मामला बता रही है।
खड़गे की रैली के बाद हुआ था शुद्धिकरण यज्ञ
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा हुई थी। इसके बाद 10 अगस्त को श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन से जुड़े लोगों ने मैदान में यज्ञ कर शुद्धिकरण किया। संगठन ने उस वक्त इसे रैली के दौरान लगाए गए नारों और खड़गे के कुछ पुराने बयानों के विरोध में किया गया कार्यक्रम बताया था।
कांग्रेस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दलित समुदाय से आने वाले खड़गे की सभा के बाद मैदान का शुद्धिकरण करना भेदभावपूर्ण सोच को दर्शाता है। पार्टी ने इस मामले में राज्यपाल, पुलिस अधिकारियों और विभिन्न थानों में शिकायतें दीं तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
संसद में उठा मुद्दा, कार्रवाई का इंतजार
मामला संसद तक भी पहुंचा। राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे लेकर विरोध दर्ज कराया था। सदन में जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि कई दिन बीतने के बाद भी उत्तराखंड में इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
खड़गे ने बाद में राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा को पत्र लिखकर भी इस मामले में कार्रवाई न होने का मुद्दा उठाया। कांग्रेस का कहना है कि आश्वासन के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
राहुल के बयान के बाद दर्ज हुआ केस
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 29 अगस्त को हल्द्वानी प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे छुआछूत से जुड़ा मामला बताया था। उन्होंने कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी।
इसके अगले दिन हल्द्वानी में एक शिकायत के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी के बयान से वाल्मीकि समाज की भावनाएं आहत हुईं। कांग्रेस ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कार्रवाई बताया और कहा कि जिस मामले में कार्रवाई की मांग की जा रही है, उसमें एफआईआर नहीं हुई, लेकिन सवाल उठाने वाले नेता पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
बेंगलुरु में महेंद्र भट्ट व अन्य के खिलाफ जीरो एफआईआर
शुद्धिकरण प्रकरण में 5 सितंबर को बेंगलुरु में उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और अन्य के खिलाफ जीरो एफआईआर भी दर्ज हुई है। शिकायत में कथित तौर पर जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। बेंगलुरु पुलिस ने मामले को आगे जांच के लिए उत्तराखंड भेजने की प्रक्रिया शुरू की है।
हालांकि भाजपा का कहना है कि शुद्धिकरण का कार्यक्रम पार्टी ने आयोजित नहीं कराया था। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर इस मुद्दे को राजनीति के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
राष्ट्रीय नेताओं की भागीदारी पर नजर
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि पार्टी मामले को अंजाम तक पहुंचाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। आज का कूच कांग्रेस के लिए इस विवाद पर बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन भी होगा।
राहुल गांधी और अन्य केंद्रीय नेताओं के शामिल होने की चर्चाएं चलीं, लेकिन उनकी भागीदारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में देहरादून में कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन और पुलिस-प्रशासन की तैयारियों पर सभी की नजर रहेगी।






