भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी परिसर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें शामिल होने के लिए आठ देशों के राजदूत, उच्चायुक्त व प्रतिनिधि शुक्रवार दोपहर भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में पहुंचे। भराड़ीसैंण पहुंचते ही विदेशी मेहमानों ने उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण की प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली से भरी वादियाँ, स्वच्छ वातावरण देखा तो वो सभी अभिभूत नज़र आए। उन्होंने गैरसैंण की तारीफ करते हुए इस क्षेत्र को अद्भुत और हर रूप से समृद्ध स्थल बताया।
पारंपरिक तरीके से हुआ मेहमानों का स्वागत
कार्यक्रम के लिए पहुंचे विदेशी मेहमानों के स्वागत में उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक प्रस्तुत की गई। छोलिया नृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के साथ मेहमानों का भव्य स्वागत किया गया। इस सांस्कृतिक स्वागत से विदेशी मेहमान बेहद खुश नजर आए और उन्होंने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत की सराहना की।
प्राकृतिक सुंदरता देख अभिभूत हुए अतिथि
भराड़ीसैंण परिसर पहुंचे सभी विदेशी मेहमान क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता देख अभिभूत हो उठे। उन्होंने तुरंत अपने मोबाइल फोन निकालकर इस अद्भुत क्षण को कैमरे में कैद करना शुरू कर दिया। उन्होंने पारंपरिक छोलिया नृत्य कर रहे कलाकारों के बीच पहुंच कर फोटो भी खिंचवाई।
यह विदेशी मेहमान पहुंचे हैं भराड़ीसैंण
भारत में मैक्सिको के राजदूत फेडेरिको सालास, मेक्सिको दूतावास में आर्थिक मामलों के प्रमुख रिकार्डो डेनियल डेलगाडो, भारत में फिजी उच्चायोग के हाई कमिश्नर जगन्नाथ सामी, भारत में नेपाल के राजदूत डॉ शंकर प्रसाद शर्मा, भारत में सूरिनाम के राजदूत अरुणकोमर हार्डियन, भारत में मंगोलिया के राजदूत डंबाजाविन गैंबोल्ड, भारत में लातविया दूतावास में डिप्टी हेड ऑफ मिशन मार्क्स डीतॉन्स, भारत के श्रीलंका उच्चायोग के मिनिस्टर काउंसलर लक्ष्मेंद्र गेशन डिसनायके, रूसी दूतावास में प्रथम सचिव क्रिस्टिना अनानीना एवं तृतीय सचिव कैटरीना लज़ारेवा, योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण आदि शामिल हैं।
सीएम धामी के प्रयासों से भराड़ीसैंण को मिलेगी नई पहचान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से भराड़ीसैंण समेत पूरे गैरसैंण इलाके को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने जा रही है। पहली बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यहां भव्य कार्यक्रम का आयोजन होगा। गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में सक्रिय करने की यह मुख्यमंत्री की सार्थक पहल भी है। मुख्यमंत्री ने योग दिवस के कार्यक्रम से भराड़ीसैंण को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का भी काम किया है। विधानसभा परिसर में वैश्विक कार्यक्रम से उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी को विश्व भर में नया नाम मिलेगा। विदेशी मेहमानों की उपस्थिति, हिमालय की गोद में बसे इस क्षेत्र की प्राकृतिक सौंदर्य के बीच योग इस क्षेत्र को आयुष और वेलनेस के क्षेत्र में भी पहचान दिलाएगा।






