Sunday, June 14, 2026
Home फीचर संसद का शीतकालीन सत्र बहुत छोटा होगा

संसद का शीतकालीन सत्र बहुत छोटा होगा

संसद का शीतकालीन सत्र इस साल भी बहुत छोटा रहने वाला है। पिछले कुछ समय से लगातार संसद के सत्र छोटे होते जा रहे हैं। आमतौर पर हर सत्र एक महीने का होता था और बजट सत्र के दोनों चरण मिला कर दो महीने सत्र चलता था। लेकिन अब सत्र की अवधि कम होती जा रही है और उसमें भी निर्धारित अवधि से पहले ही सत्र समाप्त कर दिया जा रहा है। इसके अलावा हर साल किसी न किसी सत्र के समय देश के किसी न किसी राज्य में विधानसभा चुनाव चल रहे होते हैं तो उस नाम पर भी सत्र देर से बुलाया जाता है और जल्दी समाप्त कर दिया जाता है। इसमें सारी पार्टियां शामिल होती हैं।
संसद का शीतकालीन सत्र इस साल चार दिसंबर से शुरू होगा।

आमतौर पर शीतकालीन सत्र नवंबर के तीसरे हफ्ते में शुरू होता था और दिसंबर के तीसरे हफ्ते तक यानी एक महीने चलता था। अभी पांच राज्यों के चुनाव चल रहे हैं, जिसके नतीजे तीन दिसंबर को आएंगे। इस वजह से उसके बाद ही संसद सत्र का आयोजन होगा। उसके बाद वैसे भी सत्र ज्यादा नहीं चला सकते हैं क्योंकि क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के लिए सांसदों को जाना होता है। सो, 22 दिसंबर को सत्र समाप्त किया जा रहा है। पिछले साल इसी तरह गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव की वजह से संसद का शीतकालीन सत्र सात दिसंबर से शुरू हुआ था और दो हफ्ते में ही समाप्त हो गया था।

RELATED ARTICLES

विकास के दावों के बीच भूख की त्रासदी झेलने के लिए लोग मजबूर

 विश्‍वनाथ झा यह अपने आप में एक बड़ा विरोधाभास है कि जिस दौर में दुनिया भर में अर्थव्यवस्था के चमकते आंकड़ों के जरिए लगातार विकास...

 बोतलबंद पानी नहीं, जहर पी रहे हैं हम  

ज्ञानेन्द्र रावत आधुनिक जीवनशैली के तहत हम सभी अपने जीवन को सुखमय बनाने की दिशा में अद्वितीय प्रयास कर रहे हैं। वह चाहे भौतिक सुख...

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 81.1 फीसदी गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित

गीता यादव गर्भवती महिलाओं पर किए एक अध्ययन से पता चला है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 81.1 फीसदी गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

एसडीजी में उत्तराखंड की बड़ी छलांग, देशभर में 10वें से पहले स्थान पर पहुंचा, जिलों में रुद्रप्रयाग अव्वल

देहरादून। उत्तराखंड ने नीति आयोग के एसडीजी (Sustainable Development Goals) इंडिया इंडेक्स में बड़ी छलांग लगाई है। पिछली रैंकिग में 10वें स्थान पर रहा...

मजबूरियों ने पढ़ाई छुड़वाई, लेकिन हौसले नहीं टूटे। अब सैनिक से अफसर बनने जा रहे पौड़ी के मनदीप

पौड़ी गढ़वाल। पहाड़ के छोटे से गांव से निकलकर सपनों को सच करना आसान नहीं होता। आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियां और सीमित संसाधन अक्सर...

नीलम अग्रवाल ट्रस्ट की पहलः निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उमड़ी भीड़, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी परामर्श सेवाएं

देहरादून। नीलम अग्रवाल मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से रविवार को न्यू कैंट रोड पर निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन...

कई आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल, आशीष चौहान बने जिलाधिकारी देहरादून

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने शनिवार रात कई आईएएस, पीसीएस और सचिवालय सेवा के अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल कर दिया। आशीष चौहान को देहरादून...

Recent Comments