Sunday, June 14, 2026
Home ताजा खबर कॉर्बेट नेशनल पार्क में शुरू हुई नाइट स्टे की सुविधा, अब देना...

कॉर्बेट नेशनल पार्क में शुरू हुई नाइट स्टे की सुविधा, अब देना होगा अधिक शुल्क

रामनगर। कॉर्बेट नेशनल पार्क में रात में ठहरने का पर्यटकों का इंतजार अब खत्म हुआ। पांच महीने बंद रहने के बाद आज बुधवार से पर्यटकों के लिए नाइट स्टे की सुविधा भी शुरू हो रही है। इसी के साथ ही ढिकाला पर्यटन जोन व दुर्गा देवी पर्यटन जोन में जिप्सी और कैंटर सफारी भी शुरू हो जाएगी। पार्क प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर ली है।वर्ष 2009 के बाद इस बार पर्यटकों के प्रवेश का शुल्क बढ़ाया गया है। ऐसे में करीब डेढ़ से दो गुना अधिक शुल्क पर्यटकों को भुगतान करना होगा। हालांकि, कॉर्बेट पार्क में नाइट स्टे के लिए एक माह पूर्व ही ऑनलाइन बुकिंग खुल गई थी और सभी कक्ष फुल हो गए हैं। 15 जून से मानसून सीजन शुरू हो जाता है।

कभी भी बरसात की वजह से जंगल के नदी-नाले उफान पर आ जाते हैं। ऐसे में कच्ची सड़क व रास्ते आदि टूटने से पर्यटकों के फंसने से उनकी जान का खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए कॉर्बेट पार्क के सभी वन विश्राम गृह में नाइट स्टे व ढिकाला में कैंटर की डे सफारी भी बंद हो जाती है। नाइट बुकिंग के लिए विभागीय वेबसाइट के जरिये पर्यटकों ने एडवांस में ऑनलाइन बुकिंग कराई है। दुर्गा देवी पर्यटन जोन भी डे सफारी के लिए बुधवार से पर्यटकों के लिए खुल जाएगा। ढिकाला जोन खुलने व नाइट स्टे की सुविधा भी मिलेगी।

नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में पर्यटकों को आज बुधवार से जंगल का दीदार करने का मौका मिलेगा। इस बार जिप्सी शुल्क 250 से 500 रुपये और प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क 50 से बढ़ाकर 200 रुपये किया गया है। जिप्सी संचालक को अलग से किराया देना पड़ेगा। साल 2013 में हल्द्वानी डिवीजन के 260 वर्ग मीटर जंगल को नंधौर अभयारण्य घोषित किया गया था। पांच रेंजों से जुड़े इस जंगल में बाघ, गुलदार, हाथी, भालू के अलावा दुर्लभ पक्षी और तितली की तमाम प्रजाति भी देखने को मिलती है। नंधौर के जंगल में किसी भी तरह के नए कटान और आंधी-तूफान से गिरने वाले पेड़ों की निकासी भी प्रतिबंधित है।

RELATED ARTICLES

मजबूरियों ने पढ़ाई छुड़वाई, लेकिन हौसले नहीं टूटे। अब सैनिक से अफसर बनने जा रहे पौड़ी के मनदीप

पौड़ी गढ़वाल। पहाड़ के छोटे से गांव से निकलकर सपनों को सच करना आसान नहीं होता। आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियां और सीमित संसाधन अक्सर...

बिग ब्रेकिंगः उत्तराखंड में ऑर्गेनिक खेती पर संकट, USOCA ने सस्पेंड किए 90 हजार से ज्यादा ऑर्गेनिक सर्टिफिकेट

अनिल चन्दोला देहरादून। उत्तराखंड सरकार के पिछले कई वर्षों से प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड...

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन, प्रदेश में शोक की लहर, तीन दिन का राजकीय शोक

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूड़ी का मंगलवार को निधन हो गया। वह 91 वर्ष...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

एसडीजी में उत्तराखंड की बड़ी छलांग, देशभर में 10वें से पहले स्थान पर पहुंचा, जिलों में रुद्रप्रयाग अव्वल

देहरादून। उत्तराखंड ने नीति आयोग के एसडीजी (Sustainable Development Goals) इंडिया इंडेक्स में बड़ी छलांग लगाई है। पिछली रैंकिग में 10वें स्थान पर रहा...

मजबूरियों ने पढ़ाई छुड़वाई, लेकिन हौसले नहीं टूटे। अब सैनिक से अफसर बनने जा रहे पौड़ी के मनदीप

पौड़ी गढ़वाल। पहाड़ के छोटे से गांव से निकलकर सपनों को सच करना आसान नहीं होता। आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियां और सीमित संसाधन अक्सर...

नीलम अग्रवाल ट्रस्ट की पहलः निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उमड़ी भीड़, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी परामर्श सेवाएं

देहरादून। नीलम अग्रवाल मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से रविवार को न्यू कैंट रोड पर निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन...

कई आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल, आशीष चौहान बने जिलाधिकारी देहरादून

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने शनिवार रात कई आईएएस, पीसीएस और सचिवालय सेवा के अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल कर दिया। आशीष चौहान को देहरादून...

Recent Comments