देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखंड के विकास, निवेश, पर्यटन, बिजली, आवास, युवाओं और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट के इन फैसलों का सीधा असर आम जनता, किसानों, युवाओं और निवेशकों पर पड़ने वाला है।
पारेषण लाइनों के लिए भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा बढ़ा
कैबिनेट ने 66 केवी और उससे अधिक क्षमता की बिजली पारेषण (ट्रांसमिशन) लाइनों के लिए भूमि अधिग्रहण पर मिलने वाले मुआवजे की दरों में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। अब टावर बेस एरिया के लिए जमीन मालिक को सर्किल रेट का दोगुना मुआवजा मिलेगा। वहीं लाइन के नीचे आने वाली जमीन के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 30 प्रतिशत, अर्द्धनगरीय क्षेत्र में 45 प्रतिशत और नगरीय क्षेत्र में 60 प्रतिशत मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। जहां सर्किल रेट और बाजार मूल्य में अंतर होगा वहां डीएम की अध्यक्षता में समिति दर तय करेगी।
कृषि भूमि पर रिसॉर्ट और पर्यटन इकाइयों को अनुमति
राज्य में अब कृषि भूमि पर रिसॉर्ट, होटल और पर्यटन से जुड़ी इकाइयां स्थापित की जा सकेंगी। कैबिनेट के इस फैसले से पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटन निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आवास विभाग के नियमों में राहत, निर्माण को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट ने आवास विभाग से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। इसमें ग्रीन बिल्डिंग को प्रोत्साहन, ग्राउंड कवरेज और एफएआर में राहत, तथा भवन निर्माण के सैटबैक नियमों में संशोधन शामिल है। इन बदलावों से आवासीय और व्यावसायिक निर्माण को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
छोटे अपराधों में जेल की जगह अब जुर्माने का रास्ता
राज्य में कुछ मामूली अपराधों के मामलों में अब जेल की बजाय आर्थिक दंड और वैकल्पिक सजा का प्रावधान लागू किया जाएगा। कैबिनेट के इस निर्णय से न्याय प्रणाली को अधिक व्यावहारिक बनाने और जेलों पर बढ़ते दबाव को कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास योजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने युवाओं के भविष्य से जुड़ी योजनाओं को भी स्वीकृति दी है। इनमें रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य है कि पलायन को रोका जाए और प्रदेश के युवाओं को राज्य में ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
शिक्षा, सहकारिता और डेयरी क्षेत्र में सुधारों पर सहमति
बैठक में शिक्षा, सहकारिता और डेयरी विकास विभाग से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनसे तकनीकी शिक्षा को मजबूती, सहकारी संस्थाओं के पुनर्गठन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
प्रशासनिक ढांचे में सुधार और नई भर्तियों की प्रक्रिया को हरी झंडी
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग समेत कुछ अन्य विभागों में नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने तथा अभियोजन निदेशालय के पुनर्गठन से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने के फैसले
कैबिनेट ने निवेश से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी सहमति दी है, जिससे राज्य में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और नए रोजगार सृजित होंगे। सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को निवेश के लिहाज से अधिक आकर्षक बनाना है।






