देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को शहीद राइफल मैन नरेश कुमार के गुजराड़ा मानसिंह सहस्त्रधारा रोड स्थित आवास से शहीद सम्मान यात्रा 2 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने शहीद नरेश कुमार के चित्र पर माल्यार्पण और शहीद स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद के परिजनों से भेंट कर उनके आंगन की मिट्टी का संग्रहण भी किया और उन्हें शहीद सम्मान समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा उन अमर बलिदानियों को समर्पित है जिनकी शौर्यगाथा और बलिदान सदैव हमें प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे शहीदों ने अपना आज हमारे कल के लिए न्यौछावर किया है। उनके त्याग और पराक्रम के कारण ही हम सब सुरक्षित और स्वतंत्र हैं।
शहीदों के परिजनों के लिए योजनाएँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार कई योजनाएँ चला रही है।
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वर्ष 2018 से अब तक 28 शहीद आश्रितों को उनकी योग्यता अनुसार नियुक्ति दी जा चुकी है और 13 की नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है।
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शहीद परिजनों को एकमुश्त अनुग्रह अनुदान को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है।
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उत्तराखंड के परमवीर चक्र अलंकृत सैनिकों और उनकी विधवाओं को दी जाने वाली राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई है।
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उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने पूर्व सैनिकों को ब्लॉक प्रतिनिधि मानदेय प्रदान किया है। वर्तमान मानदेय 8,000 रुपये प्रतिमाह था, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया है।
सैन्यधाम में 1734 शहीदों के घर-आंगन की मिट्टी
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि देहरादून में बन रहे सैन्यधाम निर्माण से पूर्व प्रदेश के 1734 अमर बलिदानियों के घर-आंगन की पवित्र मिट्टी सैन्यधाम लाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शहीदों के सम्मान की परंपरा वर्ष 2021 से प्रारंभ हुई। उस वर्ष जिला और राज्य स्तर पर शहीद सम्मान समारोह आयोजित हुए और शहीद परिजनों को ताम्रपत्र भेंट किए गए। वर्ष 2021 में 39 शहीद सैनिकों के घर-आंगन की मिट्टी संग्रहित नहीं हो सकी थी। इसके अलावा 2021 से 2025 के बीच 32 और वीर सैनिक मातृभूमि पर बलिदान हुए। इन सभी 71 वीरों के सम्मान में 25 सितम्बर से 4 अक्टूबर 2025 तक यह यात्रा आयोजित की जा रही है।
चार अक्टूबर तक चलेगी यात्रा
गणेश जोशी ने बताया कि यात्रा 4 अक्टूबर तक चलेगी और 5 अक्टूबर को शहीद यात्रा रथ को लैंसडाउन रवाना किया जाएगा। वहां शहीद परिवारों को सम्मानित किया जाएगा। यात्रा के दौरान सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारी शहीदों के घर जाकर उनके आंगन की मिट्टी कलश में एकत्र करेंगे, जिसे सैन्यधाम के लोकार्पण से पूर्व उसमें शामिल किया जाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद रहे लोग
इस अवसर पर मेजर जनरल (सेनि) सम्मी सभरवाल, कैप्टन (सेनि) उमादत्त जोशी, कर्नल वैटरन आदित्य श्रीवास्तव, सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर (सेनि) अमृत लाल, कैप्टन (सेनि) आनन्द राणा सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






