देहरादून। उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों में 100 से ज्यादा पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। राष्ट्रीय खेलों के इतिहास में इससे पहले उत्तराखंड ने कभी भी इतने ज्यादा पदक नहीं जीते थे। मेजबान उत्तराखंड ने अब तक कुल 101 पदक जीत लिए हैं और पदक सूची में सातवें स्थान पर कायम है। गोवा में आयोजित हुए 37वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने सिर्फ 24 पदक जीते। तब राज्य 25वें स्थान पर रहा था। प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार गुना से ज्यादा पदक जीतने में सफलता हासिल की है।
गोवा में आयोजित हुए 37वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने केवल तीन स्वर्ण पदक जीते थे। जबकि इस बार उत्तराखंड अब तक 24 स्वर्ण पदक जीत चुका है। यह संख्या पिछले राष्ट्रीय खेलों में जीते गए कुल पदकों के बराबर है। इसके अलावा खिलाड़ियों ने 25 रजत और 42 कांस्य पदक भी अपने नाम किए हैं।
पदकों की संख्या के अनुसार टॉप-4 में उत्तराखंड
स्वर्ण पदक की संख्या के लिहाज से उत्तराखंड सातवें स्थान पर है। हालांकि अगर कुल पदकों की संख्या के लिहाज से देखा जाए तो उत्तराखंड टॉप-4 में शामिल है। सर्विसेज, महाराष्ट्र और हरियाणा ने उत्तराखंड से ज्यादा पदक जीते हैं। सूची में उत्तराखंड से ऊपर के स्थानों पर विराजमान कर्नाटक, मध्य प्रदेश और तमिलनाडू के कुल पदकों की संख्या उत्तराखंड से कम है। हालांकि उन्होंने स्वर्ण पदक ज्यादा जीते हैं, इसलिए वह सूची में उत्तराखंड से ऊपर हैं।
खिलाड़ियों की मेहनत और सरकार के प्रयासों का असर
उत्तराखंड के इस स्वर्णिम प्रदर्शन में खिलाड़ियों की मेहनत और सरकार के प्रयासों का सबसे ज्यादा योगदान है। खिलाड़ियों ने जहां राष्ट्रीय खेलों के लिहाज से बेहतरीन तैयारियां की वहीं, सरकार ने भी उन्हें सुविधाएं देने और ढ़ांचागत विकास करने में किसी तरह की कमी नहीं की। पिछले काफी समय से जिस तरह से राष्ट्रीय खेलों के लिए खिलाड़ियों को तैयार किया गया, उससे उत्तराखंड के प्रदर्शन में सुधार की संभावनाएं पहले से जताई जाने लगी थी।
खिलाड़ियों ने बढ़ाया उत्तराखंड का मानः सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। 101 पदक जीतकर उत्तराखंड ने इतिहास रच दिया है। इससे पहले कभी उत्तराखंड पदकों के शतक तक नहीं पहुंचा था। निश्चित तौर पर यह उत्तराखंड के खेलभूमि बनने की तरफ ऊंची छलांग है। हम खेल विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं देशभर से आए खिलाड़ियों और अन्य मेहमानों के प्रति भी आभार प्रकट करता हूं, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान किया है।