देहरादून। प्रदेश में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय सभी के हाथ कुछ न कुछ लगा है। भाजपा ने जहां 11 में से 10 नगर निगमों में जीत हासिल कर अपना दबदबा कायम रखा है, वहीं कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी नगर पालिकाओं व पंचायतों में दमदार साबित हुए हैं। मौजूदा राजनीतिक हालातों में यह सभी के लिए विन-विन कंडिशन रही है। सभी को खुश होने के लिए कुछ न कुछ कारण जरूर हासिल हुए हैं।
प्रदेश के कुल 100 नगर निकायों में चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। अध्यक्ष के कुल 100 पदों में से भाजपा को 42, कांग्रेस को 27, बसपा को दो और निर्दलीय को 29 पर जीत हासिल हुई है। 11 में से 10 नगर निगमों में भाजपा प्रत्याशियों को जीत मिली है। वहीं, एक नगर निगम में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत का परचम लहराया।
देहरादून में भाजपा प्रत्याशी सौरभ थपलियाल, ऋषिकेश में शंभू पासवान, हरिद्वार में किरण जैसल, रूड़की में अनीता, कोटद्वार में शैलेंद्र सिंह रावत, रुद्रपुर में विकास शर्मा, हल्द्वानी में गजराज सिंह बिष्ट, अल्मोड़ा में अजय वर्मा, पिथौरागढ़ में कल्पना देवलाल, काशीपुर में दीपक बाली और श्रीनगर में निर्दलीय आरती भंडारी विजेता रही हैं। आरती भंडारी के पति लखपत सिंह भंडारी ने भाजपा से टिकट के लिए दावेदारी की थी। टिकट न मिलने के बाद ही उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। ऐसे में इस बात की संभावना भी जताई जा रही है कि आरती भंडारी भी भाजपा का दामन थाम सकती हैं।
नगर निगम, पालिका और पंचायत में सभासद के पदों पर सबसे ज्यादा निर्दलीय प्रत्याशियों को जीत मिली है। प्रदेश में कुल 1282 पदों पर चुनाव हुए थे, जिसमें से भाजपा को 455, कांग्रेस को 169, बसपा को दो, उक्रांद को एक, आप को दो और निर्दलीय को 651 सीटों पर जीत हासिल हुई। नगर पंचायत थराली की देवराड़ा और नगर निगम अल्मोड़ा की खगमराकोट सीट पर चुनाव नहीं हुए।
नगर निगम के 540 में से भाजपा को 259, कांग्रेस को 86, बसपा व उक्रांद को एक-एक और निर्दलीय को 192 पदों पर जीत हासिल हुई है। नगर पालिका के 444 सभासद पदों पर भाजपा को 129, कांग्रेस को 46 और निर्दलीय को 269 जगह जीत मिली। वहीं, नगर पंचायत की कुल 298 सीटों में से भाजपा को 67, कांग्रेस को 37, आप को दो, बसपा को एक और निर्दलीय को 190 में जीत हासिल हुई।