Sunday, September 6, 2026
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उत्तराखण्ड की पहली महिला मुख्य सचिव बनीं आईएएस राधा रतूड़ी

देखें, कार्मिक विभाग का आदेश

देहरादून। राज्य के नए मुख्य सचिव को लेकर अब तस्वीर साफ हो गई है। सरकार ने 1988 बैच की आईएएस अधिकारी व वर्तमान में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को राज्य का नया मुख्य सचिव बनाने पर मुहर लगाई है। इसके विधिवत आदेश आज (बुधवार) जारी होंगे। राधा रतूड़ी वर्तमान मुख्य सचिव डा एसएस संधु की सेवानिवृत्ति पर बुधवार दोपहर बाद पदभार ग्रहण करेंगी। आईएएस रतूड़ी इस समय अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री का दायित्व देख रही हैं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद राधा रतूड़ी राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर आसीन होने वाली पहली महिला आईएएस अधिकारी होंगी। इससे सरकार ने अपने इस कदम से महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दिया है। वर्तमान मुख्य सचिव डा एसएस संधु का विस्तारित कार्यकाल बुधवार को समाप्त हो रहा है।

वरिष्ठता में सबसे ऊपर इस समय अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ही हैं। वैसे तो आईएएस आनंद बर्द्धन भी अपर मुख्य सचिव हैं, लेकिन वह वरिष्ठता में आईएएस राधा रतूड़ी से काफी पीछे हैं। बर्द्धन 1992 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के बाद राज्य के नए मुख्य सचिव के रूप में राधा रतूड़ी के नाम पर मुहर लगा दी गई। यद्यपि, रतूड़ी का कार्यकाल काफी अल्प अवधि का रहने वाला है। उनकी सेवानिवृत्ति 31 मार्च को होनी है। यह सरकार पर निर्भर है कि वह उनके कार्यकाल को विस्तार देती हैं अथवा नहीं। बहरहाल, राधा रतूड़ी पदभार ग्रहण करने के बाद राज्य की पहली महिला मुख्य सचिव होंगी। इससे पूर्व 1973 बैच की आईपीएस अधिकारी कंचन चौधरी भट्टाचार्य वर्ष 2004 में राज्य की पहली महिला डीजीपी बनी थीं।

आईएएस राधा रतूड़ी के पति 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी अनिल रतूड़ी भी डीजीपी रहे हैं। राज्य में भारतीय वन सेवा के सर्वोच्च पद प्रमुख मुख्य वन संरक्षक का दायित्व भी वर्ष 2016 में 1980 बैच की महिला आइएफएस अधिकारी बीना सेखरी संभाल चुकी हैं। यह संयोग राज्य में पहली बार होगा, जब पति व पत्नी, दोनों ही प्रशासनिक व पुलिस सेवा के वरिष्ठतम पद पर आसीन रहे हों। आईएएस राधा रतूड़ी अपने 36 वर्ष के कार्यकाल में कई अहम पदों पर आसीन रही हैं। वह अपर मुख्य सचिव महिला सशक्तिकरण, राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी व जिलाधिकारी देहरादून समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी भूमिका का निर्वहन कर चुकी हैं।

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