Friday, May 1, 2026
Home आर्टिकल बेरोजगारी का संगीन साया

बेरोजगारी का संगीन साया

एक तो आशंका है कि इस वर्ष विश्व की विकसित अर्थव्यवस्थाएं मंदी का शिकार हो सकती हैं। दूसरी तरफ टेक कंपनियां अब बड़े पैमाने पर एआई का इस्तेमाल कर रही हैं। इस कारण पहले जितने कर्मचारियों की जरूरत पड़ती थी, अब उतनी नहीं रह गई है। नए साल की शुरुआत के साथ टेक्नोलॉजी क्षेत्र की कंपनियों में कर्मचारियों की छंटनी की खबरें आने लगी हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक सभी ने एलान किया है कि इस वर्ष वे अपनी कर्मचारियों की संख्या में कटौती करेंगी। इसकी दो वजहें बताई गई हैं। एक तो आशंका है कि इस वर्ष विश्व की विकसित अर्थव्यवस्थाएं मंदी का शिकार हो सकती हैं। दूसरी तरफ ये कंपनियां अब बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर रही हैं। इस कारण पहले जितने कर्मचारियों की जरूरत पड़ती थी, अब उतनी आवश्यकता नहीं रह गई है। इस बीच टीसीएस और इन्फोसिस जैसी भारत की भी बड़ी कंपनियों ने अपनी पिछली तिमाही की जो रिपोर्ट जारी की है, उसके परिणाम निराशाजनक आए हैं। इसका प्रभाव इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों पर अवश्य पड़ेगा। मतलब यह कि हाई टेक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए संकटपूर्ण दिन आने वाले हैं। वैसे यह सूरत सिर्फ टेक क्षेत्र की नहीं है। संयुक्त राष्ट्र की श्रम एजेंसी अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने चेतावनी दी है कि नए साल में दुनिया भर में बेरोजगारी बढऩे का अंदेशा है।

आईएलओ ने कहा है कि साल 2022 में वैश्विक बेरोजगारी दर 5.3 प्रतिशत थी, जो पिछले साल थोड़ी बेहतर होकर 5.1 प्रतिशत रही। लेकिन आईएलओ के अध्ययन के मुताबिक 2024 में श्रम बाजार परिदृश्य और बेरोजगारी के बिगडऩे की आशंका है। इस साल वैश्विक बेरोजगारी दर बढक़र इस साल 5.2 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी। आईएलओ के मुताबिक जी-20 के सदस्य अधिकांश देशों में अतिरिक्त आय में कमी आई है। महंगाई बने रहने की वजह से जीवन स्तर में जो गिरावट हुई है, वह जल्द सुधरने वाली नहीं है। आईएलओ ने दुनिया भर में बढ़ती गैर-बराबरी और सुस्त उत्पादकता पर चिंता जताई है। लेकिन आईएलओ ने अपने एक अन्य अध्ययन के आधार पर कहा है कि चीन, रूस और मेक्सिको को छोडक़र जी-20 के सदस्य देशों में 2023 में औसत वास्तविक वेतन में गिरावट आई हुई। ब्राजील, इटली और इंडोनेशिया  में वास्तविक वेतन में सबसे तेज गिरावट देखी गई। तो उभरता आर्थिक परिदृश्य सबके सामने है, जिस पर नीति निर्माताओं को चिंता करने की जरूरत है।

RELATED ARTICLES

पुरानी चुनौतियों के साथ ही रसोई गैस की किल्लत भी बढ़ाएगी चारधाम यात्रा की परेशानी, असमंजस में व्यवसायी

अनिल चन्दोला, देहरादून। उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू में अब चंद दिन ही बाकी हैं। हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं...

उत्तराखंड में सालभर रूठी रही प्रकृति, 260 से ज्यादा की मौत, कई अब तक लापता, करोड़ों का नुकसान

अनिल चन्दोला, देहरादून। उत्तराखंड के लिए यह साल आपदा के दृष्टिकोण से बेहद मनहूस साबित हो रहा है। सितंबर आधा बीतने के बावजूद तेज बारिश...

देहरादून में आपदा से बड़े पैमाने पर नुकसान, अनियोजित विकास ने बढ़ाया दर्द, अब सबक लेने का वक्त

अनिल चन्दोला, देहरादून राजधानी देहरादून सोमवार को बादल फटने और अतिवृष्टि की विभीषिका से दहल उठी। देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने टौंस, तमसा, रिस्पना...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

अल्मोड़ा के डोल आश्रम में श्री पीठम स्थापना महोत्सव, मुख्यमंत्री धामी ने किया 1100 कन्याओं का पूजन

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा जनपद के डोल स्थित आश्रम में आयोजित श्री पीठम स्थापना महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण...

अब 35 साल तक बन सकेंगे वन दरोगा, 250 नई बसों की खरीद को मंजूरी, कैबिनेट ने लगाई कई प्रस्तावों पर मोहर

देहरादून। राजधानी देहरादून में गुरुवार को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी, जो सीधे तौर पर रोजगार, शिक्षा, परिवहन...

चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की न हो कमी, सीएम धामी ने की मांग

नई दिल्ली। नई दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने चारधाम...

विपक्ष ने आधी आबादी को हक दिलाने के प्रयास को विफल कर देश के साथ किया महापापः सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित महिला जन आक्रोश रैली में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने हजारों...

Recent Comments