Sunday, September 6, 2026
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कोहरे की चादर ने चार घंटे तक बाधित की उड़ान सेवा, 900 फ्लाइटों के संचालन पर दिखा असर 

नई दिल्ली। उत्तर भारत में घने कोहरे ने यातायात के संसाधनों पर पहरा लगा दिया है। दिल्ली एयरपोर्ट से संचालित होने वाली शायद ही कोई फ्लाइट रही, जो रविवार को अपने तय समय से संचालित हुई। कोहरे की चादर में लिपटे रनवे पर से उड़ान सेवा करीब चार घंटे तक बाधित रही। हालांकि इस दौरान 15 फ्लाइट की लैंडिंग हुई, लेकिन इसके लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। रनवे को चार बजे से ही घने कोहरे ने अपने गिरफ्त में ले लिया। यह स्थिति सुबह 10 बजे तक रही। लिहाजा छह घंटे तक रनवे से कोई भी विमान उड़ान नहीं भर सका। इस वजह से 900 से अधिक घरेलू व अंतरराष्ट्रीय फ्लाइटों के संचालन पर असर दिखा, जो 6-8 घंटे की देरी से संचालित हुई। 50 से अधिक फ्लाइट निरस्त रहीं तो 10 से अधिक फ्लाइट को दिल्ली के रनवे पर उतरने की इजाजत नहीं दी गई। उन्हें जयपुर के लिए डायवर्ट कर दिया गया।

कोहरे का कहर लगातार जारी है। रविवार के दिन कोहरे ने सबसे ज्यादा असर दिखाया। रनवे पर दृश्यता 125 मीटर से भी कम रही है। सुबह चार बजे से ही रनवे घने कोहरे की चपेट में आना शुरू हो गया था। यह स्थिति सुबह के 10 बजे तक रहा। इस वजह से अन्य स्थानों से आने वाली 250 से अधिक घरेलू फ्लाइट देरी से पहुंचीं तो इतनी ही उड़ानें देरी से संचालित हुईं। अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट की भी यही स्थिति रही। आने-जाने वाले करीब 225 विमान देरी से संचालित हुए। इस वजह से यात्रियों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ा। वह एयरपोर्ट के पूछताछ केंद्र से लेकर अन्य अधिकारियों से संपर्क करते रहे। लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका।विमान संचालन में लगातार देरी की वजह से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। कई विमान रद्द होने की वजह से यात्रियों ने हंगामा भी किया। एयर इंडिया के एक विमान के रद्द होने पर यात्रियों ने दूसरे विमान के टिकट की मांग की तो उन्हें मौसम का हवाला देकर लौटा दिया गया।
लगातार विमानों के देरी से संचालित होने की वजह से बड़ी संख्या में एयरपोर्ट पर भीड़ जमा हो गई थी। व्यवस्थाएं चरमराने से परेशान यात्री यहां वहां भटकने पर मजबूर हुए।दोपहर दो बजे मिलान की फ्लाइट अचानक निरस्त कर दी गई। यात्रियों से बार-बार यही कहा गया कि दूसरी फ्लाइट से भेजेंगे। लेकिन शाम 6 बजे यात्रियों से यह कह दिया गया कि कोई फ्लाइट नही है, लिहाजा आप सभी एयरपोर्ट से बाहर चले जाएं। यात्री सुधीर चड्ढा ने अमर उजाला को बताया कि सिक्योरिटी स्टाफ ने जबरन बाहर जाने को मजबूर किया। एयर इंडिया वालों ने किसी अन्य विमान से मिलान भेजने का आश्वासन तक नहीं दिया। हर घंटे कहते रहे कि दूसरी फ्लाइट से भेजेंगे। उन्होंने बताया कि रात करीब नौ बजे 200 यात्रियों को होटल ले जाने की बात कहते हुए एयरपोर्ट के बाहर बस में बैठा दिया गया।
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