मुंबई। मुंबई में आयोजित प्रवासी उत्तराखंडवासियों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की विकास यात्रा, निवेश, रोजगार, सुशासन और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रयासों को साझा करते हुए देश-विदेश में बसे उत्तराखंडवासियों से विकसित एवं आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रवासी समाज अपनी प्रतिभा, अनुभव और संस्कारों के माध्यम से उत्तराखंड की पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आर्थिक राजधानी मुंबई में रह रहे उत्तराखंडवासी अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और मूल्यों को संजोए हुए हैं। भौगोलिक दूरी के बावजूद उनका अपनी मातृभूमि से भावनात्मक रिश्ता अटूट है। उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडवासी राज्य के सांस्कृतिक दूत होने के साथ-साथ उसके सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर भी हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रवासी उत्तराखंड परिषद का गठन कर प्रवासी समाज की प्रतिभा और अनुभव को विकास प्रक्रिया से जोड़ने का संस्थागत प्रयास किया है। परिषद के माध्यम से निवेश, नवाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में प्रवासी उत्तराखंडवासियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय भी प्रवासी समाज ने हमेशा आगे बढ़कर राहत और पुनर्वास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि अब तक 27 प्रवासी उत्तराखंडवासी राज्य के 29 पैतृक गांव गोद ले चुके हैं, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी द्वारा अपने पैतृक गांव को गोद लेने के निर्णय की भी सराहना की।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड तेजी से विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार कृषि, बागवानी, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक जनपद-दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, होम-स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और लखपति दीदी जैसी योजनाओं पर प्रभावी ढंग से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड को नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स में पहला स्थान मिला है। वहीं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में ‘अचीवर्स’ और स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी दर में कमी आई है और जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों, शीतकालीन यात्रा तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे आयोजनों से राज्य की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है।
उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। इससे उद्योग, स्टार्टअप, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जैसी नीतियां लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के जरिए युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने देश-विदेश में बसे सभी प्रवासी उत्तराखंडवासियों से अपने ज्ञान, अनुभव, निवेश और सामाजिक योगदान के माध्यम से राज्य के विकास में निरंतर सहयोग देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार और प्रवासी समाज के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखंड को आत्मनिर्भर, समृद्ध और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य अवश्य हासिल होगा।






