देहरादून। जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ गुरुवार को देहरादून में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाया गया। राजपुर रोड स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) में आयोजित कार्यक्रम में नियमित रक्तदाताओं और रक्तदान के क्षेत्र में सक्रिय स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दून चिकित्सालय के रक्तकोष के सहयोग से लगे शिविर में करीब 30 यूनिट रक्त एकत्र हुआ।
स्वास्थ्य विभाग की स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (SBTC) और उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, पत्रकारों तथा समिति के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक पात्र लोगों को नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से जोड़ने पर जोर दिया गया।
समय पर रक्त उपलब्ध कराने में स्वैच्छिक रक्तदाताओं की अहम भूमिका
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ सकती है। ऐसी परिस्थितियों में समय पर रक्त उपलब्ध कराने के लिए स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने रक्तदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और इस अभियान में समाज के सभी वर्गों को शामिल करने की आवश्यकता बताई।
डॉ. अमित शुक्ला ने नियमित रक्तदान के लिए किया प्रेरित
एसबीटीसी के निदेशक डॉ. अमित शुक्ला ने कहा कि रक्तदान को लेकर लोगों को जागरूक करना समय की जरूरत है। नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता बनाए रखने और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर सहायता पहुंचाने में मदद मिलती है।
उन्होंने स्वस्थ एवं पात्र व्यक्तियों से स्वेच्छा से रक्तदान करने की अपील की। साथ ही कहा कि रक्तदान करने के साथ दूसरों को इसके लिए प्रेरित करना भी जरूरी है। लोगों की सकारात्मक सोच और सक्रिय सहभागिता से इस अभियान को अधिक व्यापक बनाया जा सकता है।
दून चिकित्सालय के सहयोग से लगा रक्तदान शिविर
कार्यक्रम के अंतर्गत दून चिकित्सालय के रक्तकोष की टीम के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया। इसमें रक्तदाताओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और करीब 30 यूनिट रक्तदान किया। एकत्रित रक्त जरूरतमंद मरीजों के उपचार में उपयोग किया जाएगा।
शिविर के दौरान नियमित रक्तदान और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया। आयोजकों ने कहा कि रक्तदान के लिए आगे बढ़ाया गया एक कदम किसी मरीज और उसके परिवार के लिए बड़ी सहायता बन सकता है।
रक्तदाताओं और स्वयंसेवी संस्थाओं के योगदान को मिला सम्मान
स्वैच्छिक रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली संस्थाओं और नियमित रक्तदाताओं को कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। उनके योगदान की सराहना करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ऐसे लोगों की सेवा भावना अन्य नागरिकों को भी रक्तदान से जुड़ने की प्रेरणा देती है।
सम्मान समारोह के माध्यम से रक्तदान के क्षेत्र में सक्रिय लोगों का उत्साह बढ़ाने और उनके प्रयासों को समाज तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि संस्थाओं और नियमित रक्तदाताओं के सहयोग से इस मुहिम को निरंतर आगे बढ़ाया जा सकता है।
रक्तदान को जनभागीदारी का अभियान बनाने की अपील
समापन पर डॉ. अमित शुक्ला ने रक्तदाताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और दून चिकित्सालय के रक्तकोष की टीम का आभार जताया। उन्होंने रक्तदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए समाज के सभी वर्गों से इसमें सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं पात्र लोगों की नियमित भागीदारी से जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर रक्त उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।






