नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में गुरुवार देर रात कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। केंद्र सरकार की ओर से लगातार हुई बातचीत और राजनीतिक स्तर पर बढ़ी सक्रियता के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिन पुराना आमरण अनशन समाप्त कर दिया, जबकि दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए परीक्षा घोटालों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए।
सांसदों की अपील के बाद वांगचुक ने तोड़ा अनशन
सोनम वांगचुक ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के कई सांसदों और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बातचीत के बाद उन्हें भरोसा दिलाया गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं होगी। इसी आश्वासन के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता अभी भी बनी हुई है।
पीएम मोदी का संदेश: पेपर लीक पर होगी सख्त कार्रवाई
आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई बड़े कदमों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े अपराधों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। साथ ही ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ और अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नए प्रावधान लाए जाएंगे।
शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, सचिव को हटाया
सरकार ने आंदोलन के बीच शिक्षा मंत्रालय में शीर्ष स्तर पर भी बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मंत्रालय के शिक्षा सचिव को हटाकर नई नियुक्ति की गई है। इसे परीक्षा प्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आंदोलन जारी रहेगा, संगठन ने दोहराई मांग
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बावजूद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन सीजेपी ने साफ कर दिया है कि जंतर-मंतर पर धरना जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मुख्य मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं और जब तक शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था अब भी कड़ी
जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती जारी है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन का मुख्य फोकस आंदोलन में शांति बनाए रखने और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति सामान्य करने पर है।






