देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूड़ी का मंगलवार को निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही उत्तराखंड सहित राष्ट्रीय राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई।
मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी अपनी सादगी, अनुशासन और साफ-सुथरी छवि के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने भारतीय सेना में लगभग 36 वर्षों तक सेवा देने के बाद राजनीति में प्रवेश किया और उत्तराखंड की राजनीति में एक अलग पहचान बनाई।
खंडूड़ी दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। उनके कार्यकाल में पारदर्शिता, सड़क विकास और प्रशासनिक अनुशासन पर विशेष जोर दिया गया। राज्य में उन्हें एक ईमानदार और कठोर प्रशासक के रूप में याद किया जाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “भुवन चंद्र खंडूड़ी का जीवन सार्वजनिक सेवा, अनुशासन और राष्ट्र समर्पण का उदाहरण था। उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।”
राजनीतिक जीवन
- भारतीय सेना से मेजर जनरल पद से सेवानिवृत्त होने के बाद राजनीति में आए।
- 1990 के दशक में भाजपा से सक्रिय रूप से जुड़े।
- गढ़वाल क्षेत्र से सांसद रहे।
- अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री रहे।
- पहली बार वर्ष 2007 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने।
- दूसरी बार वर्ष 2011 में फिर मुख्यमंत्री पद संभाला।
- भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और अनुशासित शासन उनकी राजनीतिक पहचान रही।
- उत्तराखंड में सड़क और आधारभूत ढांचे के विकास को नई दिशा देने का श्रेय मिला।
जीवन परिचय
- पूरा नाम: मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी
- जन्म: 1 अक्टूबर 1934
- मूल निवास: पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड
- शिक्षा: स्नातक
- सैन्य सेवा: भारतीय सेना में लगभग 36 वर्षों तक सेवा
- सेना में पद: मेजर जनरल
- राजनीतिक दल: भारतीय जनता पार्टी
- प्रमुख पद:
- केंद्रीय मंत्री
- सांसद, गढ़वाल लोकसभा सीट
- दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री






