देहरादून,। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून आज कांग्रेस पार्टी के व्यापक राजभवन/लोक भवन कूच (मार्च) का साक्षी बनी, जिसमें प्रदेशभर से हजारों कार्यकर्ता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यह आंदोलन मुख्य रूप से बढ़ती अपराध दर, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी, महिलाओं-किसानों की समस्याओं और भ्रष्टाचार को लेकर किया गया।
मॉर्निंग से शुरू हुई रैली पर Parade Ground से निकलकर लोक भवन (सचिवालय) की ओर बढ़ी, जहाँ पार्टी ने सरकार के खिलाफ स्पष्ट संदेश देते हुए आगामी 90 दिन के प्रदेशव्यापी संघर्ष की भी घोषणा की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पत्रकारों से कहा, “प्रदेश में कानून-व्यवस्था का ध्वस्त होना और डेढ़ सप्ताह में दर्ज मामलों में हुई घातक बाढ़ ने जनता के अंदर भय पैदा कर दिया है। सरकार और पुलिस व्यवस्था ने जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी नहीं की है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि क़ानून-व्यवस्था पर नियंत्रण नहीं लाया गया तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।
कांग्रेस के चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कहा, “राज्य में दिनदहाड़े हत्या जैसी आपराधिक घटनाएँ हो रही हैं, जिससे समाज की शांति और नागरिकों का भरोसा टूट रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपराधी कानून का डर खो बैठे हैं।”
प्रदर्शन में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, प्रदेश प्रभारी शैलजा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई वरिष्ठ नेता और विधायकों ने भी हिस्सा लिया। सभी नेताओं ने हाथों में “कानून-व्यवस्था बहाल करो”, “महंगाई और बेरोज़गारी रोकें” जैसे नारे लगाए।
कांग्रेस ने मार्च के दौरान सरकार से एक व्यापक मांग पत्र (ज्ञापन) भी प्रशासन को सौंपा, जिसमें अपराध नियंत्रण, बेरोज़गारों के लिये योजनाओं का विस्तार, महिलाओं की सुरक्षा के लिये विशेष पहल, किसानों के लिये आर्थिक पैकेज तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा गया है।
इस कूच को सिर्फ एक दिन का विरोध नहीं बल्कि आगामी 90-दिनों का आंदोलन घोषित किया गया है, जिसमें सड़क से सदन तक कांग्रेस लगातार जनहित के मुद्दों को जोर देकर उठायेगी।






