देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 15 जनवरी 2026 को आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विकास संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा हुई और आवश्यक निर्णय लिए गए। बैठक में सरकार की प्राथमिकता जनहित, सेवा सुधार और विकास कार्यों को गति देने पर केंद्रित रही।
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों की सेवा नियमावलियों में संशोधन से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की, जिससे कार्मिक व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी।
बैठक में आवास और शहरी विकास से जुड़े नियमों में आंशिक बदलाव पर भी सहमति बनी, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप निर्माण गतिविधियों को सुगम बनाया जा सके। इससे आम नागरिकों को राहत मिलने के साथ-साथ विकास कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट में पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया गया और संबंधित विभागों को योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। सरकार ने स्पष्ट किया कि आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर सृजित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
हालांकि, उपनल कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर इस बैठक में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। समान कार्य के लिए समान वेतन और नियमितीकरण जैसी मांगों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सरकार ने इस विषय को आगे की समीक्षा के लिए संबंधित स्तर पर रखने का निर्णय लिया है। यानी उपनल को लेकर कोई तत्काल नीति निर्णय या लाभ की घोषणा नहीं हुई।
बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नीतिगत सुधारों और विकास कार्यों के माध्यम से राज्य को मजबूत बनाने के लिए लगातार निर्णय ले रही है और आने वाले समय में इन फैसलों का प्रभाव धरातल पर दिखाई देगा।






