Thursday, July 23, 2026
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नोएडा में धूमधाम से मनाया गया उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का उत्सव, मुख्यमंत्री धामी पहुंचे महाकौथिक

नोएडा/देहरादून। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देने वाले 15वें उत्तराखंड महाकौथिक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता की। गौतमबुद्धनगर में पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था द्वारा आयोजित इस आयोजन में बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी नागरिक, लोक कलाकार, युवा और महिलाएं शामिल हुईं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अवलोकन किया और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य से बाहर रहते हुए भी उत्तराखंडी समाज द्वारा अपनी लोक परंपराओं, भाषा और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी देश के अलग-अलग हिस्सों में रहकर भी उत्तराखंड की संस्कृति को पहचान दिला रहे हैं और अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड महाकौथिक जैसे आयोजन लोक कला, लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और पहाड़ी उत्पादों को एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं। पिछले 15 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह आयोजन आज उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक बन चुका है। आयोजन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए इसकी अवधि इस बार पांच दिन से बढ़ाकर सात दिन की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकौथिक में पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों और पहाड़ी व्यंजनों के साथ जागर, मांगल, खुदेड़ जैसे लोकगीतों तथा छोलिया, पांडव और झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्यों के माध्यम से उत्तराखंड की जीवंत लोकसंस्कृति सजीव रूप में देखने को मिलती है। यह मंच लोक कलाकारों और कारीगरों को पहचान और सम्मान देने का कार्य भी कर रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों से स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिल रहा है और कारीगरों को लाभ हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड और मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के विकास, हरिद्वार-ऋषिकेश और शारदा कॉरिडोर, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, ऑल वेदर रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से राज्य का बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है।

उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद, दो उत्पाद’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, स्टेट मिलेट मिशन, नई पर्यटन और फिल्म नीति, होम-स्टे और वेड इन उत्तराखंड जैसी योजनाओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफी की रक्षा के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान संस्कार, संस्कृति और एकता से है और सरकार का लक्ष्य देवभूमि उत्तराखंड को देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों में शामिल करना है।

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