देहरादून। 10वें उत्तराखंड उदय राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव “जश्न-ए-विरासत” के तीसरे दिन कलाकारों ने नुक्कड़ नाटकों के जरिये नशे से दूर रहने का संदेश दिया। वरदान संस्था और तस्वीर आर्ट ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान आयोजित किए महोत्सव के तहत बृहस्पतिवार को पहले दून मेडिकल कॉलेज और फिर एसजीआरआर नर्सिंग कॉलेज में नाटकों का मंचन दिया। कलाकारों ने नशे के दुष्प्रभाव बताए और उससे दूर रहने को लेकर जागरूक किया।
बृहस्पतिवार को पटेलनगर स्थित दून मेडिकल कॉलेज में अपर आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन व ड्रग कंट्रोलर ऑफ उत्तराखंड ताजबर सिंह जग्गी और ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त विश्वजीत सागर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नई दिल्ली के राहुल खन्ना एजुकेशन थ्रू थिएटर ग्रुप के कलाकारों ने बेहतरीन नाटक की प्रस्तुति दी और छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूक किया।

ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं, जिसके कारण वो अपने करियर और सपनों से दूर होते जा रहे हैं। आज नशा एक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है, जो कई घरों को बर्बाद कर चुका है। इसके खिलाफ हम सबको मिल जुलकर लड़ना होगा।
विश्वजीत सागर ने कहा कि नशे से दूर रहने के लिए आवश्यक है कि हम अपने काम के अलावा कोई अन्य शौक विकसित करें। अगर हम अपने बचे हुए समय को रचनात्मक व सामाजिक कार्यों में लगाएंगे तो नशे जैसी बुराइयों से बचे रह सकते हैं।
दोपहर बाद, पटेलनगर स्थित एसजीआरआर नर्सिंग कॉलेज में कलाकारों ने नशे से दूर रहने का संदेश दिया। मुख्य अतिथि समाजसेवी व फिल्म अभिनेत्री इंद्राणी पांधी ने कहा कि नशे से लड़ने में नर्सिंग जैसे पवित्र पेशे से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी और भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। युवा उद्यमी व चिलीज रेस्त्रां के स्वामी सचिन नारंग ने कहा कि बहुत से युवा नशे की चपेट में आकर अपनी जिंदगी खराब कर रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन वरदान के सचिव अनिल चन्दोला ने किया। इस अवसर पर एफडीए के सुधीर कुमार, डा. सुनील अग्रवाल, डा. अनुपमा आर्या, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य जी रामलक्ष्मी, कीर्ति हरजाई, मनोज दसौनी, संजय मेवाड़ समेत मौजूद रहे।






