Sunday, September 6, 2026
Home आर्टिकल यही पाकिस्तानी लोकतंत्र है

यही पाकिस्तानी लोकतंत्र है

मुमकिन है कि अगले आम चुनाव के बाद नवाज शरीफ को फिर से प्रधानमंत्री बना दिया जाए। आरोप है कि शरीफ की सेना के साथ डील हो गई है। इसके तहत सत्ता में उनकी वापसी की योजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है। नवाज शरीफ को जब भ्रष्टाचार के मामलों में सजा सुना कर देश निकाला दिया गया था, तब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने राजनीतिक करियर अंत के लिए पाकिस्तानी सेना के उच्च अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया था। उनका बयान इस बात की पुष्टि था कि पाकिस्तान में सेना नेतृत्व ही प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर देश की कमान संभालते रहता है। तब सेना ने एक बार पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता इमरान खान को मौका देने का मन बनाया था। लेकिन अपने स्वभाव के मुताबिक इमरान सचमुच देश का नेतृत्व करने की महत्त्वाकांक्षा पाल बैठे। उन्होंने कुछ ऐसे फैसले लिए, जिनसे अमेरिका से निकट संबंध में स्वार्थ रखने वाले सैन्य अधिकारियों के हितों को चोट पहुंची। तो सैन्य अधिकारियों ने उन्हें हटाने का फैसला किया। खबरों के मुताबिक इमरान खान को भी देश से बाहर चले जाने का विकल्प दिया गया था, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया। नतीजा यह है कि वे जेल में दिन काट रहे हैं।

इस बीच सैनाध्यक्ष बदले, जिससे परिस्थितियां नवाज शरीफ के और अनुकूल हुईं। तो उन्हें सजा से राहत दिलवाने और देश लाने की कवायद पूरी हो गई है। मुमकिन है कि अगले आम चुनाव के बाद उन्हें फिर से प्रधानमंत्री बना दिया जाए। इमरान खान की पार्टी ने सार्वजनिक आरोप लगाया है कि नवाज शरीफ की सेना के साथ डील हो गई है। इसके तहत जनवरी में होने वाले चुनावों से सत्ता में उनकी वापसी की योजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है। नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) कह चुकी है कि पूर्व प्रधानमंत्री चुनाव लडऩे का इरादा रखते हैं। इस बात की संभावना इतनी मजबूत है कि पाकिस्तान के टीकाकारों ने कटाक्ष किया है कि अगर यह सब तय ही है, फिर चुनाव पर खर्च करने की जरूरत ही क्या है! पाकिस्तान की न्यायपालिका का हाल यह है कि नवाज शरीफ की देश वापसी को निर्बाध बनाने के लिए वहां की एक अदालत ने विशेष कार्यवाही के जरिए उन्हें जमानत दी है। मतलब वही कि पाकिस्तान में फैसले सेना लेती है और उसके बाद सारा तंत्र उसे अमली जामा पहनाने में जुट जाता है।

RELATED ARTICLES

खेल मैदान बचाइए, तभी खेल संस्कृति बचेगी, खेल नीति में उत्तराखंड को इस पर फोकस करने की जरूरत

उत्तराखण्ड सहित पूरे देश में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस बहुमंजिला विद्यालय भवनों की संख्या बढ़ रही...

जाम में जकड़ा उत्तराखंड: बड़े शहरों के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन और तीर्थ स्थलों पर जाम की समस्या बनी नासूर

अनिल चन्दोला देहरादून। शांत पहाड़ों, निर्मल नदियों और आध्यात्मिक यात्रा के लिए प्रसिद्ध उत्तराखंड का एक बड़ा हिस्सा इन दिनों भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या...

पुरानी चुनौतियों के साथ ही रसोई गैस की किल्लत भी बढ़ाएगी चारधाम यात्रा की परेशानी, असमंजस में व्यवसायी

अनिल चन्दोला, देहरादून। उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू में अब चंद दिन ही बाकी हैं। हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

सैलरी खत्म होने से पहले खत्म हो जाता है पैसा? अपनाइए सैलरी मैनेजमेंट का यह आसान मनी प्लानिंग फॉर्मूला,

देहरादून। अच्छी सैलरी होने के बावजूद यदि हर महीने हाथ तंग रहता है, तो समस्या कमाई की नहीं, पैसे की प्लानिंग की हो सकती...

देहरादून और हल्द्वानी में बिना मान्यता मदरसों पर शिकंजा, उत्तराखंड में अब तक 20 का संचालन बंद

देहरादून। उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित मदरसों की जांच के बाद प्रशासन की कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है। देहरादून में एक मदरसा...

डीएम हुए सख्तः देहरादून में नदियों में कूड़ा फेंकने वालों पर होगी FIR, अवैध डंपिंग साइटों पर भी कार्रवाई

देहरादून। नदियों और नदी किनारों पर कूड़ा डालने वालों के खिलाफ अब सीधे FIR दर्ज होगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शहरी निकायों को...

यूकॉस्ट में शिक्षक दिवस पर व्य़ाख्यानः हिमालयी आपदाओं से निपटने में शिक्षकों और विद्यार्थियों की भूमिका अहम- प्रो. दुर्गेश पंत

देहरादून। हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही आपदा संबंधी चुनौतियों के बीच जल स्रोतों के संरक्षण, वैज्ञानिक जल प्रबंधन और पर्यावरण के प्रति जागरूकता...

Recent Comments