धराली/हर्षिल/उत्तरकाशी/देहरादून। उत्तरकाशी के धराली और हर्षिल क्षेत्रों में मंगलवार को बादल फटने के बाद आई भीषण आपदा से कई लोग लापता हो गए हैं। आपदा से वहां कई भवनों को नुकसान पहुंचा है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ ही सेना भी रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटना की सूचना मिलते ही आंध्र प्रदेश का अपना दौरा बीच में छोड़कर दून पहुंचे और आपदा राहत परिचालन केंद्र पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की समीक्षा की।
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मंगलवार दोपहर धराली के बीच से बहने वाली खीर गाड़ में एकाएक भयानक उफान आ गया। ऊपरी क्षेत्र में बादल फटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी अपने साथ मलवे को बहाता हुआ आया और धराली के एक हिस्से को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। इससे वहां स्थित दर्जनों भवन ताश के पत्तों की तरह ढ़ह गए। किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जो कुछ ही मिनटों में वायरल हो गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपना आंध्र प्रदेश का दौरा छोड़कर लौट आए। उन्होंने आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग ने आपदा को देखते हुए सभी टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है। सचिव स्वास्थ्य डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि एंबुलेंस, दवाओं के साथ ही डॉक्टरों व सपोर्ट स्टाफ की तैनाती की जा रही है। निकटवर्ती राजकीय चिकित्सालयों व एम्स, ऋषिकेश में भी बेड आरक्षित कर दिये गये हैं एवं पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। खतरे को देखते हुए स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजे जाने की कार्यवाही की जा रही है।
घटना के कई घंटे बीतने के बाद भी मृतकों और घायलों का कोई आंकड़ा सामने नहीं आया है। प्रशासन ने आपदा के बाद हेल्प लाइन नंबर भी जारी किया है। जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र, उत्तरकाशी में स्थापित हेल्पलाईन नम्बर पर 01374-222722, 7310913129 व 7500737269, टोल फ्री नंबर-1077, ईआरएसएस टोल फ्री नंबर 112, राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र, देहरादून में स्थापित हेल्पलाईन नम्बर 0135-2710334, 2710335, 8218867005 व 9058441404 और टोल फ्री नंबर 1070 पर घटना के मृतकों व घायलों के संबंध में जानकारी ली जा सकती है।
रेस्क्यू अभियान में राज्य व केंद्र की कई एजेंसियां जुटीं
राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अत्यधिक जलस्तर बढ़ने से धराली बाजार क्षेत्र में भारी मलबा आने के कारण कई भवनों, होटल एवं दुकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली। जिस पर त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, सेना तथा स्थानीय प्रशासन/पुलिस व अन्य बचाव दलों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। खोज, बचाव एवं राहत कार्यों में सहायता के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, भारतीय सेना, आईटीबीपी, पुलिस के अतिरिक्त बलों को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी धराली के लिए रवाना हो गए।
जिला मुख्यालय से 80 किमी दूर है धराली
उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से घटनास्थल 80 किलोमीटर दूर है। निकटतम अस्पताल पांच और जिला अस्पताल 88 किमी दूर है। वहीं, एम्स ऋषिकेश की दूरी करीब 246 किमी है।
एयरफोर्स से भी मांगी गई मदद
इस बीच वायु सहायता के लिए एयरफोर्स से भी सम्पर्क किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से 02 एमआई हेलीकॉप्टर तथा 01 चिनूक हेलीकॉप्टर के लिए वायु सेना को अनुरोध पत्र भेज दिया गया है। यूकाडा के 02 हेलीकॉप्टर भी राहत और बचाव कार्यों के लिए भेजे जाने हेतु तैयार हैं। मौसम अनुकूल होने पर वायु सहायता पहुंचाई जाएगी।
केंद्र सरकार ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा
प्रभारी मुख्य सचिव आरके सुधांशु ने प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय को घटना के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव मद्द का आश्वासन दिया है। केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारीगणों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
रेस्क्यू अभियान के लिए जवानों को भेजने का सिलसिला जारी
रेस्क्यू अभियान को गति देने के लिए दिल्ली से एनडीआरएफ के 50 जवानों को रवाना किया गया है। 15 जवान देहरादून से और एसडीआरएफ के 30 जवान गंगोत्री व 45 जवान देहरादून से भेजे गए हैं। आईटीबीपी ने भी 30 जवानों को राहत और बचाव कार्यों के लिए भेजा है।
सड़कें बंद होने से रेस्क्यू में हो रही दिक्कत
मार्ग बाधित होने तथा मौसम खराब होने के कारण राहत और बचाव दलों को घटनास्थल पर पहुंचने में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मार्गों को खोलने की कार्यवाही गतिमान है। मौसम के अनुकूल होते ही, राहत और बचाव दल हवाई तथा सड़क मार्ग से घटनास्थल पर पहुंच जाएंगे। सड़कों को खोलने के लिए सभी आवश्यक संसाधन भेजे गए हैं। जहां-जहां भी सड़क मार्ग बाधित हैं, उन्हें जल्द से जल्द खोलने के निर्देश राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से दिए गए हैं।
रेस्क्यू अभियान में अत्याधुनिक तकनीक व उपकरणों का होगा इस्तेमाल
एसडीआरएफ ने घटनास्थल के लिए विक्टिम लोकेशन कैमरा, थर्मल इमेजिंग कैमरा, आरआर शॉ, डायमंड चेन शॉ, कर्बाइड टिप्ड चेन शॉ, चिपिंग हैमर, ड्रोन, पैलिकन लाइट, ड्रैगन लाइट, मेडिकल संसाधन रवाना कर दिए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से जिलाधिकारी तथा एसएसपी के साथ लगातार सम्पर्क बना हुआ है।
हर्षिल में भी भारी नुकसान, झील भी बनी
बादल फटने से हर्षिल क्षेत्र में भी भारी नुकसान होने का जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यहां सेना के कैंप को भी काफी नुकसान पहुंचा है। यहा नदी में बड़ी मात्रा में मलवा आने से झील बन गई थी। इसके चलते निचले इलाकों के लिए खतरा बन गया था। हालांकि कुछ देर बाद झील से पानी की निकासी होने लगी और प्रवाह सुचारू हो गया।






