Thursday, July 23, 2026
Home धर्म-संस्कृति आज से शुरु हुआ मां दुर्गा की आराधना का पवित्र पर्व शारदीय...

आज से शुरु हुआ मां दुर्गा की आराधना का पवित्र पर्व शारदीय नवरात्र, यहां पढ़िए कलश स्थापना व पूजा की विधि 

देहरादून। मां दुर्गा की आराधना का पवित्र पर्व शारदीय नवरात्र आज रविवार से शुरू हो गया है। नौ दिनों तक मां आदिशक्ति के नौ स्वरूपों की पूजा की धूम रहेगी। इसके लिए शहर में पंडाल सज गए हैं। रविवार को घट स्थापना की जाएगी।आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से घट स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी।

रविवार को कलश स्थापना के लिए दोपहर 11:44 से दोपहर 12:30 बजे तक 46 मिनट तक मुहूर्त रहेगा। आचार्य सुशांत राज ने बताया कि, शारदीय नवरात्र के नौ दिनो तक मां आदिशक्ति के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।
मान्यता है कि नवरात्रि के नौ दिन माता रानी धरती लोक पर विचरण करती हैं। प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 14 अक्तूबर को रात 11:24 बजे से होगी और 15 अक्तूबर को रात 12:32 बजे तक रहेगी। उदयतिथि को देखते हुए शारदीय नवरात्र 15 अक्तूबर रविवार से शुरू होंगे। वहीं, इससे पहले शनिवार को घर-घर में भक्तों ने श्रद्धा के साथ सांझी मां की स्थापना की गई। मां आदिशक्ति के स्वरूपों के साथ शारदीय नवरात्र पर सांझी मां की भी रोजाना पूजा-अर्चना की जाएगी। नवरात्र में इस बार मां हाथी पर सवार होकर आएंगी। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, नवरात्रि की शुरुआत जिस दिन होती है, उसके आधार पर उनकी सवारी तय होती है। रविवार या सोमवार से नवरात्र शुरू होने पर मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं।
आचार्य सुशांत राज के अनुसार मंदिर में सफाई के बाद लाल कपड़ा बिछाकर उस पर थोड़े चावल रखें। मिट्टी के एक पात्र में जौ बो दें। इस पात्र पर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें। कलश में चारों ओर आम या अशोक के पत्ते लगाएं और स्वास्तिक चिह्न बनाएं। फिर इसमें साबुत सुपारी, सिक्का और अक्षत डालें। एक नारियल पर चुनरी लपेटकर कलावा बांधें और इसे कलश के ऊपर पर रखते हुए मां जगदंबे का आह्वान करें। इसके बाद दीप जलाकर कलश की पूजा करें।

नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। ज्योतिषाचार्य विष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया, माता पार्वती को शैलपुत्री कहा जाता है, क्योंकि उनके पिता पर्वतराज हिमालय हैं। गौरवर्ण वाली मां शैलपुत्री की सवारी बैल है। वे एक हाथ में त्रिशूल तो दूसरे में कमल का फूल धारण करती हैं। चंद्रमा उनके मस्तक की शोभा बढ़ाता है।

नवरात्र के लिए शहर भर के मंदिरों और घरों में विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिरों और विभिन्न पंडालों में चहल-पहल बढ़ गई है। शनिवार को शहर भर के बाजारों में पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए रौनक देखने को मिली। सहारनपुर चौक, पलटन बाजार और हनुमान चौक में दुकानों और सड़कों पर भीड़ रही। भक्तों ने मूर्ति, कलश, नारियल, शृंगार, फूल-मालाएं खरीदीं। झंडा बाजार के दुकानदार विवेक गुप्ता ने बताया, इस साल पिछले साल के मुकाबले पूजन सामग्री के दामों में बढ़ोतरी हुई है। खरीदारी के लिए कांवली से आईं अनीता देवी, सोमवती और कमलेश ने बताया, घट स्थापना के बाद कीर्तन कर मां का स्वागत करेंगे। इससे पहले मां दुर्गा का विशेष शृंगार किया जाएगा।

RELATED ARTICLES

कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले जत्थे को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी, यात्रियों को दी शुभकामनाएं

टनकपुर। उत्तराखंड से संचालित कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था रविवार को टनकपुर से अपने पवित्र सफर पर रवाना हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी...

अयोध्या के बाद अब बदरीनाथ धाम में भी चढ़ावे पर उठे सवाल, सोशल मीडिया के आरोपों की होगी जांच

श्री बदरीनाथ धाम/देहरादून। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बाद अब उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम में भी...

अल्मोड़ा के डोल आश्रम में श्री पीठम स्थापना महोत्सव, मुख्यमंत्री धामी ने किया 1100 कन्याओं का पूजन

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा जनपद के डोल स्थित आश्रम में आयोजित श्री पीठम स्थापना महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज निकिता, काजल और आरती ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, मुख्यमंत्री धामी ने किया सम्मानित

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाली पिथौरागढ़ की तीन महिला मुक्केबाजों को मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह...

देहरादून महायोजना-2041: जनसुनवाई में उमड़े नागरिक, यातायात, पर्यावरण और बुनियादी सुविधाओं पर दिए अहम सुझाव

देहरादून। वर्ष 2041 तक देहरादून को सुव्यवस्थित, आधुनिक और पर्यावरणीय दृष्टि से संतुलित राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रही...

वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल की शोधपरक पुस्तक ‘कण्वाश्रम-भरत से भारतवर्ष’ का भव्य समारोह में विमोचन

कोटद्वार। सैनिक सम्मान समारोह के दौरान उत्तराखंड के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शोधपरक पुस्तक 'कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष' का भव्य लोकार्पण...

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: हाई अलर्ट पर सरकारी मशीनरी, देहरादून सहित कई जिलों में स्कूल बंद

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर आक्रामक होता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को राज्य के कई...

Recent Comments