Tuesday, March 10, 2026
Home आर्टिकल दिल्ली में कौन चला रहा है सरकार?

दिल्ली में कौन चला रहा है सरकार?

मोहन कुमार
दिल्ली की चुनी हुई अरविंद केजरीवाल सरकार और उप राज्यपाल के बीच ऐसी ठनी है कि किसी को समझ में नहीं आ रहा है कि सरकार कौन चल रहा है। इन दोनों के बीच विवाद का नतीजा यह हुआ है कि छोटी छोटी बातों के लिए लोग अदालत जा रहे हैं और अदालती फैसलों से सरकार चलती दिख रही है। रोजमर्रा के प्रशासन से जुड़े मामलों में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले आ रहे हैं। इसका मतलब है कि राजधानी दिल्ली में गवर्नेंस का ढांचा ठीक से काम नहीं कर रहा है। हैरानी होती है कि कैसी छोटी छोटी बातों पर हाई कोर्ट को फैसला देना होता है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया कि मथुरा रोड पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के पास फ्लाईओवर के ऊपर यू टर्न को चालू किया जाए। सोचें, क्या यह मामला हाई कोर्ट के विचार के लायक है? इसी तरह सोमवार को ही हाई कोर्ट ने एक अन्य फैसले में इस बात पर नाराजगी जताई कि छह स्कूलों की इमारतें बन कर तैयार हैं लेकिन पैसे बकाया होने की वजह से उनका कब्जा नहीं लिया जा सका है। अदालत ने स्कूलों का कब्जा लेकर उनमें पढ़ाई शुरू कराने का आदेश दिया। इसी तरह एक मृत पुलिसकर्मी के परिजनों को एक करोड़ रुपए देने का आदेश भी हाई कोर्ट ने दिया है।

दिल्ली में रोजमर्रा के कामकाज को लेकर दिए जा रहे अदालत के आदेशों की लंबी सूची बन सकती है। सवाल है कि क्यों अदालत को सरकार चलाने की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है? दिल्ली में प्रशासन के कई ढांचे हैं। एक दिल्ली सरकार है, दिल्ली नगर निगम है, उप राज्यपाल के जरिए केंद्र का शासन है और सेना का प्रशासन है। इसके बावजूद फैसले नहीं हो रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के बीच जंग चल रही है। उप राज्यपाल दिल्ली सरकार के हर फैसले को पलटने के लिए तैयार बैठे हैं तो दूसरी ओर केजरीवाल सरकार भी कामकाज की बजाय टकराव बढ़ाने में लगी है।

RELATED ARTICLES

उत्तराखंड में सालभर रूठी रही प्रकृति, 260 से ज्यादा की मौत, कई अब तक लापता, करोड़ों का नुकसान

अनिल चन्दोला, देहरादून। उत्तराखंड के लिए यह साल आपदा के दृष्टिकोण से बेहद मनहूस साबित हो रहा है। सितंबर आधा बीतने के बावजूद तेज बारिश...

देहरादून में आपदा से बड़े पैमाने पर नुकसान, अनियोजित विकास ने बढ़ाया दर्द, अब सबक लेने का वक्त

अनिल चन्दोला, देहरादून राजधानी देहरादून सोमवार को बादल फटने और अतिवृष्टि की विभीषिका से दहल उठी। देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने टौंस, तमसा, रिस्पना...

धराली से थराली तक: आपदा और उम्मीद के बीच पहाड़, हिमालय की गोद में बसे हमारे गांव कितने सुरक्षित

अनिल चन्दोला, देहरादून। उत्तराखंड की धरती एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रही है। कभी गढ़वाल के उत्तरकाशी में धराली गाँव तो कभी...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

UTTARAKHAND BUDGET: 1.11 लाख करोड़ का बजट पेश, गरीब-युवा-किसान और महिलाओं पर फोकस

गैरसैंण/देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया।...

अर्थव्यवस्था में उत्तराखंड की ऊंची छलांग, जीडीपी डेढ़ गुना बढ़ी, प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी

देहरादून। उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में तेजी का दौर जारी है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वर्ष 2024–25 में बढ़कर ₹3,81,889 करोड़ पहुंच गया है,...

उत्तरांचल प्रेस क्लब में रंगारंग होली मिलन महोत्सव की धूम, रंगों की फुहार और लोक संगीत की गूंज में सरोबार हुए लोग

देहरादून। देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब का होली मिलन समारोह इस बार खास उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित हुआ। रंगों की फुहार, लोक...

दिल्ली की बहुचर्चित आबकारी नीति मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, केजरीवाल और सिसोदिया बाइज्जत बरी

नई दिल्ली। दिल्ली की बहुचर्चित आबकारी नीति मामले में आज बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री...

Recent Comments