देहरादून। मौसम विभाग द्वारा अगले तीन दिनों के लिए प्रदेश में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को शासन और जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को 24×7 अलर्ट पर रहने और राहत-बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्यधिक वर्षा के कारण राज्य लगातार चुनौतियों का सामना कर रहा है और आने वाले दिन भी कठिन हो सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है बल्कि आपदा प्रभावितों की भावनाओं और संवेदनाओं से भी जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी उनके दुख को अपना दुख मानकर कार्य करें और पुनर्वास को प्राथमिकता दें।
बैठक में सचिव गृह शैलेश बगौली, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव आनंद स्वरूप, डीआईजी राजकुमार नेगी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव पंकज पांडेय, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार और मंडलायुक्त विनय शंकर पांडेय वर्चुअल रूप से शामिल हुए।
प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश
बैठक में सीएम ने भूस्खलन प्रभावित मार्गों में यातायात सुरक्षा, मैदानी क्षेत्रों में जलभराव रोकने तथा नदियों के जलस्तर पर दिन-रात निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रात्रि के समय भी नदियों के जलस्तर पर विशेष नजर रखी जाए और किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएं। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से हालात पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया।
तमक में जल्द किया जाए बैली ब्रिज का निर्माण
सीएम ने ज्योतिर्मठ–मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर तमक नाले में पुल बहने की घटना पर बीआरओ अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह मार्ग सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां शीघ्र बैली ब्रिज बनाकर यातायात बहाल किया जाए। राज्य सरकार से जो भी मदद आवश्यक होगी, वह तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी।
चारधाम यात्रा मार्गों की सुरक्षा पर फोकस
मुख्यमंत्री ने गंगोत्री हाईवे को सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए ताकि चारधाम यात्रा पर आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बरसात समाप्त होने के बाद सभी सड़कों के पेचवर्क और नए निर्माण कार्य तुरंत शुरू करने पर जोर दिया।
हर्षिल और स्यानाचट्टी में दिन-रात निगरानी
सीएम ने उत्तरकाशी जिले के हर्षिल और स्यानाचट्टी में बनी झीलों की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि जलस्तर कम करने और मलबा हटाने के लिए समुचित कदम उठाए जाएं। राहत एवं बचाव दल को चौबीसों घंटे तैनात रखने के भी निर्देश दिए गए।
अगले तीन दिन खतरनाक मौसम का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार एक सितंबर को देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार में अत्यंत भारी वर्षा के साथ वज्रपात की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अन्य जिलों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दो सितंबर को देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा।






