देहरादून। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों ने 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ–वोट बचाओ’ अभियान चलाने की घोषणा की है। अभियान के तहत जिला, शहर, ब्लॉक और प्रखंड स्तर पर संयुक्त कार्यक्रम होंगे। देहरादून में 8 अक्टूबर को गांधी पार्क से मार्च निकाला जाएगा।
संयुक्त प्रेस वार्ता में गठबंधन के प्रतिनिधियों ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों की समीक्षा और पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रखने के लिए निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए।
गोगी ने रखी अभियान की रूपरेखा
डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने बताया कि अभियान के दौरान इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों के मुद्दे पर संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करेंगे। उन्होंने 8 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च और विरोध कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि देहरादून में गांधी पार्क से मार्च शुरू होगा।
गठबंधन के प्रतिनिधियों ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग भी उठाई। वक्ताओं ने उन्हें प्राप्त कानूनी संरक्षण पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता अधिकारों से जुड़ी शिकायतों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने की बात कही।
मतदाता सूची से हटाए गए नामों की समीक्षा की मांग
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिवालय सदस्य लेखराज ने कहा कि मतदाता अधिकारों के मुद्दे पर गठबंधन के सभी सहयोगी दल एकजुट हैं। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि ऐसी शिकायतों की समीक्षा कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। लेखराज ने भी ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष सुजाता पॉल ने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “वोट के हत्यारों के खिलाफ जनता सड़क पर उतरेगी। संविधान का गला घोंटकर लोकतंत्र की हत्या नहीं होने दी जा सकती।”
ईसीआई-नेट पर उठाए सवाल, सार्वजनिक जवाब मांगा
कांग्रेस प्रवक्ता एवं इंडिया गठबंधन के संयोजक शीशपाल बिष्ट ने ईसीआई-नेट सॉफ्टवेयर को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली तकनीकी व्यवस्था पर उठ रही आपत्तियों का चुनाव आयोग को स्पष्ट और सार्वजनिक जवाब देना चाहिए। बिष्ट ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव विक्रम सिंह पुन्डीर ने कहा कि 8 अक्टूबर के कार्यक्रम में कांग्रेस सहित गठबंधन के सहयोगी दल शामिल होंगे। जिला, शहर और ब्लॉक स्तर पर संयुक्त कार्यक्रमों के माध्यम से अभियान आगे बढ़ाया जाएगा।
हेमा बोरा ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए गठबंधन के सभी सहयोगी दल साथ हैं और आगे भी संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रेस वार्ता में सीपीएम के राज्य समिति सदस्य हिमांशु चौहान और समाजवादी पार्टी की फहमीदा बानो भी मौजूद रहीं।






