थराली (चमोली)/देहरादून। आपदा प्रभावित थराली और उसके आस-पास के इलाकों में रविवार को दिनभर राजनीतिक सरगर्मियां चलती रहीं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य में किसी भी तरह की कमी न छोड़ने के निर्देश दिए। वहीं, गणेश गोदियाल समेत कुछ अन्य कांग्रेस नेता भी वहां पहुंचे, जिसके बाद राजनीतिक पारा दिन भर चढ़ा रहा। वहीं, बारिश की आशंका को देखते हुए सोमवार को भी जिले में स्कूलों की छुट्टी की गई है।
थराली के अधिकांश आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। सड़कें खोलने का काम भी अभी चल रहा है। जिन मकानों और दुकानों में मलवा भर गया है, उनकी सफाई भी नहीं हो पाई है। कई लोग कुलसारी में बनाए गए आपदा राहत शिविर में रहने को मजबूर हैं। रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हेलीकॉप्टर से कुलसारी स्थित हैलीपेड पहुंचे। उन्होंने कुलसारी में बनाए गए आपदा राहत शिविर में प्रभावितों से मुलाकात की और अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने थराली लोअर मार्केट, शिशु मंदिर क्षेत्र और अस्पताल मार्ग में आई आपदा का जायजा लिया। मुख्यमंत्री धामी ने आपदा में पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों के स्वामी और मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख की तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, बेघर हुए लोगों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
आपदा राहत शिविरों में रहने को मजबूर 68 लोग
जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित राहत शिवरों में ठहराया गया है। उनके नियमित रूप से भोजन और रुकने की उचित व्यवस्था की गई है। राहत शिविर राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी में 12, प्राथमिक विद्यालय चेपड़ो में 36 और थराली अपर बाजार के प्राथमिक विद्यालय में 20 लोगों को ठहराया गया है। प्रभावित लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा भी मुहैया की जा रही है। डीएम ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों को सुचारू कर दिया गया है। जल्द ही क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति भी सुचारू कर दी जाएगी। क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत और पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मलवा साफ करने के साथ ही क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आंकलन भी किया जा रहा है।
प्रभावितों ने किया मुख्यमंत्री का घेराव, महिलाओं ने जताई नाराजगी
आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित चेपड़ों और कोटडीप न जाने पर स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने अपनी नाराजगी व्यक्त की। कई महिलाएं और लोग मुख्यमंत्री के वाहन के सामने सड़क पर बैठ गए। उन्होंने मुख्यमंत्री पर उनकी बात न सुनने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। इस पर मुख्यमंत्री धामी ने उनके पास पहुंचकर उनकी बात सुनी। चेपड़ों क्षेत्र में भी स्थानीय लोगों ने सीएम के न आने पर गुस्सा जताया। उन्होंने कहा कि गांव में आपदा से एक व्यक्ति की मौत हो गई। कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा, उसके बावजूद सीएम वहां नहीं आए।
गणेश गोदियाल व कांग्रेसियों को रोकने पर हुआ हंगामा
कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला समेत अन्य कांग्रेसी नेताओं ने पुलिस पर उन्हें थराली जाने से रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के झंडे लगी गाड़ियों को बेरोकटोक आने-जाने दिया जा रहा है, जबकि उन्हें रोका जा रहा है। इसको लेकर उनकी पुलिसकर्मियों से तीखी बहस भी हुई। इस दौरान थराली ब्लॉक प्रमुख प्रवीन पुरोहित, कांग्रेस नगर अध्यक्ष विनोद रावत समेत अन्य नेता भी वहां पहुंचे और उन्होंने पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताई।
कांग्रेस नेता पहुंचे चेपड़ों, स्थानीय लोगों से कहा हम आपके साथ
कांग्रेस नेता गोदियाल समेत अन्य स्थानीय नेता चेपड़ों पहुंचे और उन्होंने स्थानीय लोगों को मदद का भरोसा दिलाया। गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री केवल औपचारिकता निभाने के लिए थराली आए थे। जहां सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, वहां सीएम ने आना तक जरूरी नहीं समझा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री धामी केवल फोटो खिंचवाने के लिए वहां आए थे। इस दौरान महिलाओं ने भी मुख्यमंत्री धामी पर क्षेत्र और गांव की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।






