लैंसडाउन/पौड़ी गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को लैंसडाउन में आयोजित शहीद सम्मान समारोह में प्रतिभाग कर वीर सपूतों की अमर गाथाओं को नमन किया। मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों एवं आश्रितों को ताम्रपत्र और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने अमर शहीद गब्बर सिंह नेगी की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कहा कि ऐसे अमर सपूतों के कारण ही देश सुरक्षित है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न जिलों के शहीदों के आंगन की पवित्र मिट्टी से भरे ताम्र कलशों के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इन कलशों की मिट्टी देहरादून में बन रहे भव्य सैन्य धाम में स्थापित की जाएगी, जो उत्तराखंड की वीरभूमि को अमर गौरव प्रदान करेगा।
सैन्य धाम अमर आत्माओं का प्रतीक- मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सैन्य धाम केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि अमर आत्माओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शहीदों के आंगन की पवित्र मिट्टी को सैन्य धाम में लाया जा रहा है। यह कार्यक्रम उन वीरों को सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया।
उन्होंने बताया कि 25 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चली शहीद सम्मान यात्रा 2.0 शहीदों के परिजनों के आंसुओं का सम्मान है। यह धाम आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति के लिए प्रेरित करता रहेगा और हर उत्तराखंडी को गौरव की अनुभूति कराएगा।
सैनिकों और उनके परिवारों के लिए की घोषणाएँ
समारोह में मुख्यमंत्री ने सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने कहा कि कोटद्वार स्थित सैनिक विश्राम गृह का जीर्णोद्धार कर उसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा। निदेशालय सैनिक कल्याण तथा जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालयों में वीर नारियों और पूर्व सैनिकों की नियुक्ति कर निःशुल्क सेवाएँ उपलब्ध कराने हेतु कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर, लैंसडाउन के संग्रहालय के जीर्णोद्धार के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जयहरीखाल को उच्चीकृत किया जाएगा। उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज कर्तिया का नाम शहीद कमल सिंह रावत के नाम पर, हाईस्कूल डोबरियासार का नाम शहीद अनुज सिंह नेगी के नाम पर, बरुआ–चिणबो मार्ग का नाम शहीद केशवानंद ध्यानी के नाम पर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नाम शहीद हरीश जोशी के नाम पर तथा जयहरीखाल–गुमखाल मार्ग का नाम शहीद खुशाल सिंह नेगी के नाम पर करने की घोषणा की।
शहीद परिवारों के लिए बढ़ी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में लगभग हर घर का सदस्य सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़ा है। राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है। परमवीर चक्र विजेताओं को अब ₹1.5 करोड़ की राशि दी जाएगी। शहीद के अंतिम संस्कार हेतु ₹10,000 की सहायता राशि दी जाती है। सैनिकों को भूमि खरीद पर स्टांप ड्यूटी में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।
संयोजन के तहत अब तक 28 शहीद परिजनों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है और 13 प्रकरण प्रक्रिया में हैं। पहले आवेदन की समय सीमा दो वर्ष थी, जिसे बढ़ाकर पाँच वर्ष कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य स्रोतों से अनुदान प्राप्त न करने की बाध्यता समाप्त करते हुए अब सभी द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।
“एक पेड़ शहीदों के नाम” अभियान की अपील
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों से “एक पेड़ माँ के नाम” की तर्ज पर “एक पेड़ शहीदों के नाम” अभियान शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह न केवल पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक होगा बल्कि शहीदों के प्रति सम्मान का भी संदेश देगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन योजना, आधुनिक जैकेट, उपकरण और जूते जैसी सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है। भारत आज रक्षा निर्यात में अग्रणी देशों में शामिल है और हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।
“शहीद सम्मान यात्रा 2.0 का सफल समापन” – गणेश जोशी
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि शहीद सम्मान यात्रा 2.0 का रविवार को लैंसडाउन में सफल समापन हुआ। यात्रा का दूसरा चरण 25 सितंबर को देहरादून से प्रारंभ हुआ था और आज सम्पन्न हुआ।
उन्होंने कहा कि शेष 71 शहीदों के आंगन की मिट्टी लायी जा चुकी है, जिसे अमर जवान ज्योति में स्थापित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सदैव सैनिकों और वीर नारियों के सम्मान एवं कल्याण के प्रति संवेदनशील रहते हैं।
“उत्तराखंड देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि भी” – महेंद्र भट्ट
राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है। उन्होंने कहा कि हम शहीदों को मृतक नहीं, बल्कि अमर वीर मानते हैं।
उन्होंने कहा कि आज हम खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं तो यह हमारे वीर सैनिकों के अदम्य साहस और बलिदान का परिणाम है। सैनिकों एवं अग्निवीरों को समूह ‘ग’ की वर्दीधारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय सराहनीय कदम है।
वीर सपूतों को श्रद्धांजलि और स्मृतियाँ
विधायक दिलीप सिंह रावत ने वीर सपूतों के पराक्रम और बलिदान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। समारोह में शहीद सम्मान यात्रा की झलकियों पर आधारित एक विशेष वीडियो क्लिप प्रदर्शित की गई, जिसने उपस्थित जनसमूह को शहीदों के गौरवशाली इतिहास और योगदान से अवगत कराया।
“यह आयोजन एकता और संकल्प का प्रतीक” – दीपेंद्र चौधरी
सैनिक कल्याण सचिव दीपेंद्र चौधरी ने सभी अतिथियों, शहीद परिवारों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि का अवसर है, बल्कि सैन्य धाम निर्माण की दिशा में जनता और सरकार की एकजुटता और संकल्प शक्ति का प्रतीक भी है।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे गणमान्य नागरिक
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी, कर्नल ऑफ द रेजिमेंट ले. ज. डीएस राणा, ले. ज. शरत चंद्र (सेनि), ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी, उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग पं. राजेंद्र अंथवाल, जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मेयर कोटद्वार शैलेन्द्र सिंह रावत समेत बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।






