देहरादून। उत्तराखंड में आज 77वां गणतंत्र दिवस गर्व और उत्साह के साथ मनाया गया। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल ले. जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पूरे शान‑ओ‑शौकत के साथ राष्ट्रीय ध्वज को फहराया और देशभक्ति का संदेश सभी उपस्थित नागरिकों तक पहुँचाया।
समारोह की शुरुआत सुबह राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ हुई। परेड ग्राउंड में उत्तराखंड पुलिस, NCC, ITBP, CRPF और 40वीं बटालियन PAC के जवानों ने मार्च पास्ट कर अनुशासन और देशभक्ति का प्रदर्शन किया। इसके अलावा, छात्र और युवा वर्ग भी समारोह में शामिल होकर परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सक्रिय योगदान दिया।
परेड में दिखी झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुति
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह की सबसे आकर्षक झांकी उत्तराखंड सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की थी। झांकी में उत्तराखंड की पारंपरिक खेल संस्कृति, जैसे मलखंब और अन्य खेलों के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने झांकी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल कलाकारों और अधिकारियों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
साथ ही, दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय परेड में उत्तराखंड का टैब्लो “Cultural Heritage and Adventure Sports” थीम पर आधारित रहा और इसे आमजन के वोटों में तीसरे स्थान से नवाजा गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर कलाकारों और संबंधित टीम को बधाई दी।
स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का मार्ग दिखाता है संविधान
मुख्यमंत्री धामी ने उपस्थित नागरिकों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि संविधान हमें स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की युवा शक्ति और बहुआयामी सांस्कृतिक विरासत देश की प्रगति और एकता में महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी।
राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह ने भी राष्ट्रध्वज को सलामी दी और समारोह का निरीक्षण करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमारी लोकतांत्रिक परंपरा और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता का दिन है। उन्होंने सभी नागरिकों से संविधान के मूल्यों के प्रति निष्ठा और जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव पर जोर
समारोह में बच्चों और युवाओं ने पारंपरिक नृत्य, गीत और लोक वाद्य प्रस्तुत किए, जिससे उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता जीवंत रूप में सामने आई। उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक समारोह में सामूहिक उत्साह के साथ भाग लेते नजर आए। इस प्रकार, उत्तराखंड में 76वां गणतंत्र दिवस राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता के साथ मनाया गया, जिसने युवाओं और आम जनता में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता को और मजबूत किया।






