Friday, April 4, 2025
Home फीचर केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ रैली

केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ रैली

विपक्षी दलों का गठबंधन ‘इंडिया’ देश के हितों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए 31 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली करेगा।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन के मामले के संबंध में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बृहस्पतिवार 21 मार्च को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद आप की दिल्ली इकाई के संयोजक  गोपाल राय और कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महारैली घोषणा की है। आप ‘इंडिया’-इंडियन नेशनल डवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस-का घटक दल है। महारैली में ‘इंडिया’ गठबंधन का शीर्ष नेतृत्व शिरकत करेगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को समान अवसर नहीं दिए जा रहे हैं। लवली ने केजरीवाल की गिरफ्तारी पर रोष जताते हुए अपनी पार्टी के खातों को ‘फ्रीज’ (लेन देन पर रोक) का भी जिक्र किया। कहा कि महारैली न सिर्फ राजनीतिक रैली होगी, बल्कि देश में लोकतंत्र को बचाने और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ साझा आवाज उठाने का भी आह्वान करेगी। बहरहाल, केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ विपक्षी गठबंधन की ऐसी तैयारियों से लगता है कि वह अपने प्रति आम जन के मन में सहानुभूति पैदा करना चाहता है।

दरअसल, आप और ‘इंडिया’ गठबंधन को लगता है कि अन्ना आंदोलन से निकले केजरीवाल की ईमानदार होने की जो छवि है, उसे सहानुभूति में बदला जाए। विपक्ष इसलिए भी उत्साहित है कि एक जमाने में इंदिरा गांधी, जयललिता और लालू प्रसाद यादव ने अपनी गिरफ्तारी पर स्वयं को उत्पीडि़त दिखाकर आम जन के मन में सहानुभूति की लहर पैदा कर दी थी। और इसके सहारे राजनीतिक रूप से कमबैक करने में सफल रहे। बेशक, जनता के मन में यह भाव रहा है कि केजरीवाल सरकार को काम नहीं करने दिया जा रहा। उपराज्यपाल के साथ उनकी सरकार के टकराव से इस धारणा को बल मिला है। कई मौकों पर उपराज्यपाल के निर्देश और आदेशों के खिलाफ अदालत का दरवाजा तक खटखटाया गया और इसका स्पष्ट संदेश भी जनता तक इस रूप में पहुंचा कि केंद्र केजरीवाल सरकार के कामकाज में अड़चन डाल रहा है। केजरीवाल भी बड़ी कुशलता से संदेश आम जन तक पहुंचाने में सफल रहे हैं। समूचा विपक्ष अब इसी प्रकार की ‘सिंपेथी’ की तलाश में है।

RELATED ARTICLES

विकास के दावों के बीच भूख की त्रासदी झेलने के लिए लोग मजबूर

 विश्‍वनाथ झा यह अपने आप में एक बड़ा विरोधाभास है कि जिस दौर में दुनिया भर में अर्थव्यवस्था के चमकते आंकड़ों के जरिए लगातार विकास...

 बोतलबंद पानी नहीं, जहर पी रहे हैं हम  

ज्ञानेन्द्र रावत आधुनिक जीवनशैली के तहत हम सभी अपने जीवन को सुखमय बनाने की दिशा में अद्वितीय प्रयास कर रहे हैं। वह चाहे भौतिक सुख...

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 81.1 फीसदी गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित

गीता यादव गर्भवती महिलाओं पर किए एक अध्ययन से पता चला है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 81.1 फीसदी गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

अंतिम स्तर पर पहुंची चार धाम यात्रा की तैयारियां, 30 अप्रैल से होगी शुरूआत, भीड़ नियंत्रण के होंगे उपाय

देहरादून। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यात्रा 10...

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के तीन साल पूरे, प्रदेशभर में आयोजित हो रहे कार्यक्रम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने उत्तराखंड में अपने तीन साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस अवसर...

दून में शुरू हुआ इण्डो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला और पर्यटन महोत्सव, सीएम धामी भी हुए शामिल

देहरादून। राजधानी देहरादून में इण्डो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला और पर्यटन महोत्सव की शुरूआत हो गई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी महोत्सव...

चारधाम यात्रा के दौरान खाद्य सुरक्षा पर धामी सरकार सख्त, खाद्य संरक्षा विभाग चला रहा विशेष अभियान

देहरादून। आगामी चारधाम, हेमकुंड साहिब यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान खाद्य सुरक्षा पर प्रदेश की धामी सरकार सख्त रुख अपनाएगी। इसको लेकर खाद्य...

Recent Comments