देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बृहस्पतिवार को अपने दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम पर देहरादून पहुंचीं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर राज्यपाल लेफ़्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई अन्य लोगों ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति निकेतन 24 जून से आम लोगों के लिए खुलने जा रहा है। उससे पहले राष्ट्रपति इसका दौरा करेंगी, उसके बाद इसे आम लोगों के लिए खोला जाएगा।
21 एकड़ में फैला राष्ट्रपति निकेतन 186 वर्ष पुराना है। पहले इसे राष्ट्रपति आशियाना के नाम से जाना जाता था। इसका उपयोग राष्ट्रपति के अंगरक्षक पीबीजी के घोड़ों के प्रशिक्षण के लिए किया करते थे। इस विरासत भवन में अब कलाकृतियों का संग्रह किया गया है। राष्ट्रपति 132 एकड़ के इकोलॉजिकल पार्क और राष्ट्रपति उद्यान की आधारशिला भी रखेंगी। यहां लोगों को भारतीय सेना की 251 वर्ष पुरानी रेजीमेंट पीबीजी के इतिहास को जानने और राष्ट्रपति के अंगरक्षकों के घोड़ों व उनके अस्तबल को देखने का भी मौका मिलेगा।
एयरपोर्ट पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ समेत अन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।
राष्ट्रपति के दौरे के चलते तीन दिन डायवर्ट रहेंगे रूट
देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के चलते राजधानी देहरादून में तीन दिन कई रूट डायवर्ट रहेंगे। बृहस्पतिवार को दोपहर ढ़ाई बजे से शाम साढ़े पांच बजे कई रूट डायवर्ट रहे, जिसके कारण आम लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे और शनिवार को सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक कई रूट डायवर्ट रहेंगे। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।






